दैनिक भास्कर हिंदी: कोटा: अब तक 104 बच्चों की मौत, गेहलोत बोले- CAA से ध्यान हटाने के लिए उठाया जा रहा मुद्दा

January 3rd, 2020

हाईलाइट

  • गहलोत के बयान के बाद भाजपा और विपक्ष के निशाने पर राजस्थान सरकार
  • BSP प्रमुख मायावती ने राजस्थान सरकार पर सवाल उठाए
  • कांग्रेस अं​तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीएम गहलोत से मांगी रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क, कोटा। शहर के जेके लोन अस्पताल में नवजात शिशुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक यहां 104 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस पूरे मामले में राजस्थान की गेहलोत सरकार को विपक्ष ने अपने निशाने पर ले लिया है। यही नहीं कांग्रेस हाई कमान भी राज्य सरकार से नाखुश है। कांग्रेस अं​तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद इस मामले में रिपोर्ट तलब करने को कहा है। इस सबके बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। 

दरअसल, पूरे मामले को लेकर सीएम गहलोत ने बयान दिया कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले को लेकर मीडिया को ही निशाने पर ले लिया और कहा कि जिस प्रकार से मामले को मीडिया में चलाया गया है उसमें कोई दम नहीं है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस साल शिशुओं की मौत के आंकड़ों में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी कमी आई है। इस पर भाजपा और विपक्षी पार्टियों ने गहलोत की आलोचना की है। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करके राजस्थान सरकार और प्रियंका गांधी का नाम लिए बगैर सवाल उठाए। मायावती ने लिखा कि जिन मांओं की गोद उजड़ी, कांग्रेस की महिला महासचिव अब तक उनसे क्यों नहीं मिलीं?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन खुद आकर स्थिति देख लें
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन खुद डॉक्टर हैं और अगर वह कोटा के अस्तपाल में आते हैं तो उन लोगों के लिए स्थिति साफ होगी जो जाने-अनजाने बयान दे रहे हैं। मैंने डॉ. हर्षवर्धन से फोन पर बात भी की है। मैंने उनसे कोटा का दौरा करने का निवेदन किया, ताकि वह सुविधाओं को देख सकें।

पिछले वर्षों की मौतों की तुलना कर रहे नेता
एक ओर जहां बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार में बैठे लोग पिछली वर्षों में हुई मौतों से तुलना कर रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने पिछले दिनों कहा था कि अगर बीजेपी अपने कार्यकाल के दौरान इस अस्पताल में हुए बच्चों की मौत का आंकड़ा देख ले तो शायद आलोचना नहीं करे। हमने लगातार मौत के आंकड़ों को कम किया है और करते जा रहे हैं।

सरकार ने बनाई टीम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने मामले में एक उच्च स्तरीय टीम गठित की है। स्वास्थ्य मंत्रालय की अगुवाई वाली इस टीम में जोधपुर एम्स के डॉक्टर, हेल्थ फाइनेंस एंड रीजनल डायरेक्टर और जयपुर हेल्थ सर्विस के लोग भी शामिल होंगे। यह टीम शुक्रवार को जेके लोन अस्पताल पहुंचेगी। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात की है। मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता देने का वादा किया है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारा जा सके और लगातार हो रही मौतों पर लगाम लगाई जा सके।

एक ही बेड पर दो-तीन बच्चों का लेटाया जा रहा 
बीते मंगलवार को लॉकेट चटर्जी, कांता कर्दम और जसकौर मीणा समेत बीजेपी सांसदों के एक संसदीय दल ने अस्पताल का दौरा कर उसकी हालत पर चिंता जताई थी। दल ने कहा था कि एक ही बेड पर दो-तीन बच्चे थे और अस्पताल में पर्याप्त नर्सें भी नहीं हैं। इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य की कांग्रेस सरकार को नोटिस जारी किया था। आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा था कि अस्पताल परिसर के भीतर सुअर घूमते पाए गए। माना जा रहा है कि बच्चों के मौत की वजह जीवन रक्षक उपकरणों की कमी हो सकती है। 

535 जीवन रक्षक उपकरणों में से 320 काम नहीं कर रहे
सूत्रों ने बताया कि 535 जीवन रक्षक उपकरणों में से 320 काम नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा 71 इंफेंट वामर्स में से सिर्फ 27 काम कर रहे हैं। कुछ वेंटिलेटर भी सही तरह से काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इससे इनकार किया है। सीएमओ के सूत्रों ने पुष्टि की कि गहलोत मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि सभी बच्चों को अस्पताल में गंभीर हालत में लाया गया था।

 

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