हाईकोर्ट:  गड़चिरोली बम धमाके के आरोपी को जमानत

July 15th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को साल 2019 के गड़चिरोली बम धमाके के मामले व नक्सली गतिविधियों से जुड़े आरोपी सत्यनारायण रानी को जमानत प्रदान की है। 1 मई 2019 को गडचिरोली में हुए बम धमाके क्विक रिस्पांस टीम(क्यूआरटी) के 15 जवानों व एक सिविलियन की मौत हो गई थी। इस धमाके में कुल 16 लोगों की मौत हुई थी। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते ढेरे व न्यायमूर्ति वीजी बिष्ट की खंडपीठ ने शुक्रवार को आरोपी को जमानत देने से जुड़ा फैसला सुनाया। आरोपी को फिलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में रखा गया है। गड़चिरोली धमाके से जुड़े मामले में आरोपी की पत्नी निर्मला उप्पुगंती को भी आरोपी बनाया गया था। दोनों को इस मामले में साल 2019 में गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल 2022 में उप्पुगंती की कैंसर की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। 

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पैरवी करनेवाले वकील युग चौधरी ने दावा किया था कि आरोपी की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। जांच एजेंसी के पास आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।फिर भी उसे तीन सालों से विचाराधीन कैदी के रुप में जेल में कैद कर रखा गया है। श्री चौधरी ने खंडपीठ से आग्रह किया कि उनके मुवक्किल को जमानत पर जेल से रिहा किया जाए। शुरुआत में गड़चिरोली पुलिस ने इस मामले की जांच की थी। किंतु बाद मामले में मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) को सौप दिया गया था। फिर एनआईए ने आरोपी सत्यनारायण रानी के खिलाफ जांच के बाद आरोपपत्र दायर किया था। एनआईए ने दावा किया था कि आरोपी धमाके की साजिश को लेकर एक साल पहले हुई बैठक में शामिल हुआ था। इस बैठक में 300 नक्सली शामिल हुए थे। एनआईए ने आरोपी के खिलाफ अवैध गतिविधि प्रतिबंधक कानून की धाराओं के अलावा हत्या व आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किया गया था।