तथ्य छिपाकर दायर की थी याचिका: हाईकोर्ट ने पन्ना राजघराने की दिव्यारानी सिंह पर लगाई 2 हजार रुपए की कॉस्ट

October 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने पन्ना राजघराने की दिव्यारानी सिंह पर तथ्य छिपाकर याचिका दायर करने पर 2 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने भविष्य में ऐसा नहीं करने की चेतावनी देते हुए याचिका खारिज कर दी है।
यह याचिका दिव्यारानी सिंह की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने उन्हें वर्ष 1994 में पौधारोपण के लिए 3.5 हेक्टेयर जमीन दी थी। उस जमीन से सटी हुई दिव्यारानी सिंह की 50 एकड़ जमीन भी थी। सरकार ने इस शर्त पर जमीन दी थी कि 2 साल के भीतर उस जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा। वर्ष 2013 में राज्य सरकार को जानकारी मिली कि पौधारोपण के लिए आवंटित की गई जमीन पर पौधारोपण नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया। इसके बाद जमीन को पन्ना नगर परिषद को आवंटित कर दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेन्द्र यादव ने तर्क दिया कि जमीन का आवंटन निरस्त करने के खिलाफ बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में अपील दायर की गई थी। वर्ष 2015 में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने अपील खारिज कर दी थी। इस मामले में जिला अदालत पन्ना में सिविल शूट दायर किया गया, जिसमें किसी भी प्रकार का आदेश जारी नहीं किया गया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री यादव ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने तथ्य छिपाकर याचिका दायर की है। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस आशय का शपथ पत्र देने के लिए कहा था कि तथ्य छिपाकर याचिका दायर करने पर क्यों न उन पर कॉस्ट लगाई जाए। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने याचिका वापस लिए जाने का आवेदन दायर किया। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने तथ्य छिपाकर याचिका दायर करने पर दिव्यारानी सिंह पर 2 हजार रुपए की कॉस्ट लगाते हुए याचिका खारिज कर दी है।

 

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