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शादी से पहले कैसे दर्ज हो सकता है दहेज प्रताडऩा का मामला?

शादी से पहले कैसे दर्ज हो सकता है दहेज प्रताडऩा का मामला?

डिजिटल डेस्क जबलपुर । जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकलपीठ ने शहडोल के सिंहपुर थाने के एक विवेचना अधिकारी को हाजिर होकर यह बताने कहा है कि शादी होने से पहले किसी पर दहेज प्रताडऩा का मामला कैसे दर्ज हो सकता है? अदालत ने आवेदक की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यह भी कहा कि 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली अगली सुनवाई पर संबंधित विवेचना अधिकारी महाधिवक्ता कार्यालय में आकर पक्ष रखें। यदि वे नहीं आते तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजगढ़ (छत्तीसगढ़) के जमील अहमद ने सिंहपुर थाने में दर्ज दहेज प्रताडऩा के मामले जमानत पाने यह अर्जी दायर की है। आवेदक के अधिवक्ता योगेश सोनी की दलील थी कि उनके मुवक्किल और शिकायतकर्ता के बीच शादी सिर्फ पक्की हुई थी। बाद में आवेदक ने शादी से इंकार कर दिया और फिर शिकायतकर्ता ने दहेज प्रताडऩा की एफआईआर दर्ज करा दी, जो अवैधानिक है।
 

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