बड़ा निशाना : आखिर कब तक चलाएंगे दो लोग सरकार, मंत्रिमंडल विस्तार न होने पर भड़के अजित पवार

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी शिंदे-फडणवीस सरकार के शपथ ग्रहण को 26 दिन बीत चुके हैं पर अभी तक इस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का मुहुर्त नहीं निकल सका है। मंत्री बनने के दावेदार भी अब अपने विधानसभा क्षेत्र में लौंट चुके हैं मंत्री पद की शपथ के लिए पार्टी के फोन कॉल का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने ‘दो लोगों की सरकार’ पर हमला बोलते हुए कहा कि आखिर दो लोग कितने दिनों तक सरकार चलाएंगे। 

सोमवार को राष्ट्रवादी भवन में पत्रकारों से बातचीत में अजित ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री हमारी सरकार में हमारे साथ काम कर चुके हैं। इसके बावजूद आघाडी सरकार के कार्यों पर रोक लगा रहे हैं। इन दोनों (एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस) को लगता है कि हम ही सरकार चला सकते हैं। अजित ने कहा कि ये दोनों कोई सत्ता का ताम्र पत्र लेकर नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार न होना महाराष्ट्र की जनता का अपमान है। अजित ने सवाल किया कि यदि आप के पास सरकार चलाने के लिए बहुमत है तो मंत्रिमंडल का विस्तार क्यों नहीं करते। विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार में पालकमंत्रियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

पालकमंत्री आपदा प्रभावित इलाकों में जाकर स्थिति की समीक्षा करते हैं। पर यह सरकार मंत्रिमंडल विस्तार करने की बजाय केवल हमारी सरकार के कार्यों को स्टे देने के काम में जुटी है। अजित ने कहा कि सरकारे आती-जाती रहती हैं। यह सरकार भी जाएगी। लेकिन इस सरकार ने 2021 से जिला नियोजन के कार्य, बजट में मंजूर कार्यों को रोक रही है। ये काम हमारे निजी काम नहीं हैं। यह हमारे घर के काम नहीं। शिंदे सरकार ने वडूज में बनने वाले छत्रपति संभाजी महाराज स्मारक के कार्य के लिए 265 करोड़ की निधि देने के फैसले पर भी रोक लगा दी है। प्रक्रिया शुरु होने के बावजूद सहकारी संस्थाओं के चुनाव पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इसके पहले महाराष्ट्र में इस तरह निचले स्तर की राजनीति नहीं हुई।    

अब सरकार चला के दिखाओ

अजित ने कहा कि जिन्होंने भूकंप लाया वे राज्य को अपने कब्जे में ले चुके हैं। अब राज्य सरकार को चला कर दिखाए। उन्होंने सवाल किया कि एकनाथ शिंदे को साथ लेकर सरकार आ गई इसके बावजूद भूख खत्म नहीं हो रही हैॽ एक सवाल के जवाब में अजित ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील का नाम लिए बगैर कहा कि आप ने दिल पर पत्थर रख कर शिंदे को सीएम बनाने का फैसला लिया। पर इस पर मैं सदन में बोलूंगा। अजित ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार का अधिकार दोनों लोगों के हाथ में नहीं है। जब तक दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिलेगी तब तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने वाला।  

 पांच बार दिल्ली दौरे का बाद भी नहीं निकल सका मंत्रिमंडल विस्तार का पेंच 

शिंदे-फडणवीस सरकार ने बीते 30 जून को सत्ता में आई थी। पर 26 दिनों बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई। अभी तक राष्ट्रपति चुनाव की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार टालने की बात हो रही थी। पर अब राष्ट्रपति चुनाव के बाद नई राष्ट्रपति ने शपथ ग्रहण के बाद पदभार भी संभाल लिया है पर महाराष्ट्र की नई सरकार का शपथ ग्रहण नहीं हो पा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शपथ ग्रहण के बाद अब तक पांच बार दिल्ली जा चुके हैं। शिंदे-फडणवीस सरकार में मंत्री पद के प्रबल दावेदार नेताओं को भी कोई अनुमान नहीं है कि मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा। इनमें से कई विधायक अपने विधानक्षेत्र में बैठ कर शपथ ग्रहण समारोह के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार फिलहाल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से कहा गया है कि फिलहाल वे मुंबई से बाहर न जाए।