दैनिक भास्कर हिंदी: सुलभ शौचालय के स्टाफ क्वार्टर में चल रहा था अवैध अबॉर्शन कराने का अड्डा, आशा कार्यकर्ता थी सरगना

June 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, सतना। कोई सोच भी नहीं सकता कि कहीं सुलभ शौचालय में गर्भपात का अड्डा हो सकता है। जब लोगों ने यह जाना कि शहर के बीचोबीच स्थित एक सुलभ शौचालय के स्टाफ क्वार्टर में लम्बे अरसे से अबॉर्शन का अड्डा चल रहा था तो हैरत से दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। यहां दो चीजें और चौंकाने वाली रहीं, एक तो यह कि यह सुलभ शौचालय एक्सीलेंसेज डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल परिसर में संचालित था और दूसरा यह कि इसे कोई और नहीं बल्कि एक आशा कार्यकर्ता ऑपरेट कर रही थी। बहरहाल, बुधवार को पता चला कि सुलभ शौचालय में गर्भपात का खेल हो रहा है तो हड़कंप मच गया।

टॉयलेट में किस बात की दवाई
सुलभ शौचालय के केयर टेकर मुकेश कुमार सिंह और राजेश कुमार सिंह ने कोतवाली के थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी कि दोपहर बाद 3 बजे सविता चौधरी आई और स्टाफ क्वार्टर में सो रहे अजीत कुमार को जगाकर बोली कि कमरे में जाकर लड़की को दवाई डालना है। वह महिला करीब 15 मिनट तक कमरे में रही, इसके बाद चली गई। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कड़ी कार्यवाही की मांग की है। अब सवाल उठता है इतना बड़ा जिला अस्पताल छोड़कर आखिरकार लड़की को वह कौन सी दवाई डालने की बात कर रही थी।

जब पीछे के रास्ते से भागी लड़की
इस सारे वाकये की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। आशा कार्यकर्ता सविता चौधरी जैसे ही बाहर निकली तो देखा कि बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई तो उसने नाबालिग लड़की को तुरंत कमरे के पीछे वाले रास्ते से बाहर निकाल दिया। यह दरवाजा अस्पताल चौक वाले सड़क की ओर खुलता है। जल्दबाजी में लड़की की कछुआछाप अंगूठी और उसका गुलाबी रंग का दुपट्टा बिस्तर पर ही छूट गया। जिससे इस बात की पुष्टि हो गई कि रूम में कुछ तो हुआ है।

मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की जानकारी अस्पताल पुलिस चौकी पहुंची तो प्रभारी शारदा शिवानी मौके पर पहुंचीं। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के RMO डॉ. अमर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि इस बीच पुलिस के हाथ न तो आशा कार्यकर्ता लगी और न ही वह नाबालिग लड़की जिसका कथित तौर पर अबॉर्शन किया जा रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने सुलभ शौचालय के केयर टेकर से लिखित शिकायत ले ली है।

इनका कहना है
हां, ऐसी जानकारी मिली थी जिसकी सुलभ शौचालय के स्टाफ ने लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी है। इस मामले को पुलिस ही संज्ञान में लेगी।
डॉ. अमर सिंह RMO , जिला अस्पताल