नगर निगम कमिश्नर पर तानाशाही रवैये का आरोप: ननि में अनिश्चितकालीन हड़ताल-निगमायुक्त के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

September 21st, 2022


डिजिटल डेस्क जबलपुर। नगर निगम कमिश्नर पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के द्वारा यह हड़ताल 19 सूत्रीय माँगों को लेकर की जा रही है। कर्मचारियों ने निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू समेत पक्ष-विक्षप को भी अपनी समस्याएँ सुनाईं। कर्मचारियों का कहना था िक हड़ताल में मुख्यालय सहित निगम के 16 जोनों के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। इस हड़ताल का िवभिन्न कर्मचारी संगठनों ने समर्थन किया है।
तकनीकी अधिकारी संघ के संरक्षक राम दुबे व तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ संरक्षक योगेन्द्र दुबे, मप्र नगर निगम पालिका कर्मचारी संघ के कपिल आनंद दुबे व अनिल तिवारी सहित समस्त संघ भी हड़ताल पर रहेंगे। हालाँकि इस हड़ताल से जल विभाग और आपातकालीन सेवा में लगे कर्मचारियों को दूर रखा गया है। प्रदर्शन के दौरान दुर्गेश झारिया, नरेन्द्र िसंह ठाकुर, वसीम, रामकुमार ितवारी, राम बहोरी ित्रपाठी, गोविंद िवश्वकर्मा व अन्य उपस्थित रहे।

झूठा प्रकरण दर्ज कराया
कर्मचारियों का आरोप है िक प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रच रहे हैं। जिसके तहत कर्मचारियों के िखलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया और आपस में झगड़ा होने की अफवाह फैलाकर फूट डालने का प्रयास भी िकया गया, लेकिन कर्मचारी एकजुट हैं और हड़ताल िनरंतर जारी रहेगी।

हड़ताल असंवैधानिक घोषित, कर्मचारी नेताओं पर एफआईआर दर्ज

निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ ने कर्मचारी संगठनों की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 22 सितंबर को समय पर कार्य पर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। निगमायुक्त ने बताया कि बुधवार को कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी बुधवार को मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र में आयोजित शिविरों का निरीक्षण करने सिंधु भवन व विक्टोरिया के पास टाउन हॉल पहुंचे। लेकिन शिविर बंद व अस्तव्यस्त स्थितियां देकर कलेक्टर ने संबंधित शिविर प्रभारी से इसकी जानकारी ली, जिसके बाद उन्हें पता चला कि ननि के हड़ताली कर्मचारियों ने जबरदस्ती शिविर बंद कराया और शिविर में तोडफ़ोड़ करते हुए गालीगलौज भी की। कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारी नेता कपिल दुबे सहित 30 अन्य पर ओमती थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई है। निगमायुक्त ने चेतावनी दी है कि हड़ताल में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।