comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

चीन विवाद: राहुल का वार-PM ने सत्ता के लिए मजबूत नेता की नकली छवि गढ़ी, यही भारत की सबसे बड़ी कमजोरी

चीन विवाद: राहुल का वार-PM ने सत्ता के लिए मजबूत नेता की नकली छवि गढ़ी, यही भारत की सबसे बड़ी कमजोरी

हाईलाइट

  • भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर राहुल का पीएम मोदी पर वार
  • कहा- पीएम ने सत्ता में आने के लिए नकली मजबूत छवि गढ़ी है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को राहुल गांधी ने कहा, पीएम मोदी ने सत्ता में आने के लिए एक मजबूत नेता की नकली छवि गढ़ी है और अब यही उनकी सबसे बड़ी ताकत ही भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है।

दरअसल कोरोना काल में राहुल ट्विटर के जरिए अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा करते आए हैं। सोमवार को उन्होंने अपनी वीडियो सीरीज का एक और क्लिप जारी किया है। इस वीडियो में राहुल ने चीन से जारी तनाव के मसले पर अपने विचार साझा किए हैं, साथ ही उसकी विस्तारवादी नीति के बारे में भी जानकारी दी है। इसके अलावा राहुल ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, चीन पीएम मोदी के 56 इंच वाले आइडिया पर अटैक कर रहा है।

'पीएम अपनी 56 इंची छवि को बचाने में लगे हैं'
राहुल गांधी ने वीडियो में कहा, प्रधानमंत्री ने सत्ता में आने के लिए एक मजबूत नेता की नकली छवि (strongman image) तैयार की है। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी और अब यह भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि, पीएम अपनी 56 इंची छवि को बचाने में लगे हैं और चीन उनकी इसी बात का फायदा उठा रहा है।

'चीनी अपनी रणनीतियों के बारे में सोचे बिना कुछ नहीं करते'
राहुल ने कहा, यह केवल एक सीमा का मुद्दा नहीं है। मुझे चिंता इस बात की है कि चीनी आज हमारे क्षेत्र में बैठे हैं। चीनी अपनी रणनीतियों के बारे में सोचे बिना कुछ भी नहीं करते हैं। अपने दिमाग में उन्होंने एक दुनिया को मैप किया है और वे उस दुनिया को आकार देने की कोशिश कर रहे हैं। यही वह पैमाना है, वे क्या कर रहे हैं, ग्वादर क्या है और एक बेल्ट और सड़क क्या है। यह इस ग्रह का पुनर्गठन है। इसलिए यदि आप चीनियों के बारे में सोच रहे हैं तो आपको यह बातें समझनी होंगी।

इससे पहले राहुल गांधी ने शुक्रवार को भी एक वीडियो जारी कर सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने लद्दाख में चीन के साथ हुए संघर्ष पर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला था। राहुल गांधी ने हमारी भूमि में घुसपैठ करने के लिए इस समय का चयन करने के पीछे के चीन के कारणों को समझाते हुए एक वीडियो जारी किया।

कमेंट करें
rNQGS
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।