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इंड्रस्टी की क्षमताओं का नहीं हो पा रहा उपयोग, अब पॉलिसी में बदलाव की जरूरत

इंड्रस्टी की क्षमताओं का नहीं हो पा रहा उपयोग, अब पॉलिसी में बदलाव की जरूरत

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मल्टी मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर (मिहान) के स्पेशल इकोनॉमी जोन (सेज) में क्षमताएं अधिक हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है और यही वजह है कि उद्योगों को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। अब सबकी नजर उद्योगों को बढ़ावा देने की है, यही सही समय है जब सेज की पॉलिसी में बदलाव कर उद्योगों को उनकी पूरी क्षमताओं का उपयोग किया जा सकता है।

यह है समस्या

मिहान स्थित सेज में कई उद्योग ऐसे हैं, जिनके प्रोडक्ट तैयार करने की क्षमता एक हजार टन की है, लेकिन उतने माल की डिमांड विदेशों से ना होने की वजह से उनके पास जितनी 300 या 400 टन की डिमांड होती है, उसे वह एक्सपोर्ट करते हैं। ऐसे में इसके अतिरिक्त शेष माल को देश में ही बेच सकता है, लेकिन उस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी यहां के माल की कीमत से ज्यादा होने की वजह से उसमें फायदा नहीं होगा, जिसकी खरीदी संभव नहीं है। यदि उनको अपने अतिरिक्त माल को कस्टम ड्यूटी से राहत मिल जाएगी, तो यहां का उद्योग बढ़ेगा। व्यापार होगा तो पैसा आएगा, निश्चिततौर पर स्थानीय लोगों को काम और पैसा मिलेगा जो आर्थिक सुधार को बढ़ावा देगा।

सुझाव दिए गए हैं

मनोहर भोजवानी अध्यक्ष मिहान इंड्रस्टीज एसोसिएशन के मुताबिक पुणे के बाबा कल्याणी द्वारा सेज के पॉलिसी से संबंधित सुझाव दिए गए हैं। सेज पर उनका काफी अच्छा अध्ययन है। सुझाव में समझाया गया कि किस तरह से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है, अब तक उन सुझाव को स्वीकार नहीं किया गया है। हमने भी कुछ सुझाव दिए हैं।

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