दैनिक भास्कर हिंदी: जबलपुर-दमोह सड़क - जीरो प्वॉइंट दमोहनाका चौराहे से ही बर्बाद

March 27th, 2021

विडंबना - शहरी हिस्से में फोरलेन के अंदाज में कभी नहीं ढल सकी, दशकों से नहीं बदली दशा
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जबलपुर-दमोह सड़क को इसके जीरो प्वॉइंट दमोहनाका चौराहे से सुधार करने का प्लान एमपीआरडीसी ने बनाया तो लेकिन इस पर अमल कभी नहीं हो सका। जबलपुर से दमोह तक 100 किलोमीटर के इस स्टेट हाईवे की शुरुआत एक दम दमोहनाका चौराहे से होती है। 2012 में जब सड़क बन रही थी तब प्लान यही था कि इसको इसी चौराहे से माढ़ोताल तक पूरी तरह से फोरलेन के अंदाज में विकसित किया जाएगा, लेकिन यह मार्ग अपने प्लान के अनुसार कभी नहीं बन सका। दमोह सड़क का 7 किलोमीटर का शहरी हिस्सा नगर निगम में आता है, लेकिन यह अब भी अधिकृत रूप से मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास ही है। नगर निगम कहता है कि उसको यह सड़क मिल जाए तो वह इसका उद्धार कर सकता है, लेकिन एमपीआरडीसी कहता है कि नगर निगम ने ही बनी सड़क को बर्बाद कर दिया है। मार्ग हस्तांतरण की जहाँ तक बात है तो  कभी खुले मन से नगर निगम ने इसको लेने की प्रक्रिया नहीं अपनाई। विभागों की दलीलों से अलग  सड़क वर्षों से बर्बाद हालत में जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। 
तकलीफ इस वजह से ज्यादा 
इस मार्ग पर असल परेशानी यह है कि जनता चलने के दौरान टोल तो पूरा देती है, पर बदले में उसको बेहतर सड़क आज तक नहीं मिल सकी। सड़क निर्माण के बाद कुछ माहों के अंदर जो खराब हुई, तो फिर इसका मेंटेनेंस कभी नहीं किया गया। शहरी हिस्से में यह वास्तविक रूप में नहीं ढल सकी, तो ग्रामीण हिस्सों में इसमें हर तरफ गड्ढे होने की वजह से यह चलने लायक नहीं है। सीएम हेल्पलाइन में दर्जनों शिकायतें और एमपीआरडीसी मुख्यालय तक समस्या बताने के बाद भी इसमें सुधार वर्षों से नहीं हो पा रहा है। 
अतिक्रमण अलग हुए तो भी निर्माण नहीं 
एमपीआरडीसी ने नगर निगम से कहा कि सड़क के किनारे हिस्से में अतिक्रमण हैं, इसलिए वह माढ़ोताल से दमोहनाका तक  पूरी चौड़ाई में  निर्माण नहीं कर सका। 4 साल पहले इस मार्ग से 300 से अधिक अतिक्रमण अलग किए गए, लेकिन उसके बाद भी एमपीआरडीसी ने किसी तरह से सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ जरूरी मरम्मत नहीं की। 
इनका कहना है
दमोह-जबलपुर मार्ग पर हमने करीब 27 किलोमीटर के हिस्से को सुधार दिया है। शेष जहाँ पर परेशानी है उसके लिए प्रोसेस चल रही है। शहरी हिस्से में जहाँ तक हमारी सड़क है, उसको हम जल्द दुरुस्त बना देंगे। प्लान के अनुसार ही काम होगा। 
- राजेन्द्र चंदेल, डीएम एमपीआरडीसी
 

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