दैनिक भास्कर हिंदी: आदेश के बाद भी हाजिर नहीं हुए डिंडोरी तहसीलदार, हाईकोर्ट ने लगाई 50 हजार रुपए की कॉस्ट

April 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट ने आदेश के बाद भी कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर डिंडोरी तहसीलदार पर 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई है। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अंजुली पालो की युगल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं होता है तो डिंडोरी कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई एक मई को नियत की गई है। 2 अप्रैल को युगल पीठ ने आदेशित किया कि 22 अप्रैल को तहसीलदार कोर्ट में हाजिर होकर जवाब पेश करें। यदि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं होता है तो डिंडोरी कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा।

याचिका में यह कहा-
डिंडोरी के मडियारास गांव में रहने वाले किसान तारेन्द्र राठौर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उसकी जमीन पर 8 लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अपनी जमीन से अवैध कब्जे हटवाने के लिए उसने डिंडोरी तहसीलदार के समक्ष प्रकरण दायर किया। सुनवाई के बाद तहसीलदार ने उसकी जमीन से कब्जा हटाने का आदेश दिया, लेकिन पुलिस ने तहसीलदार के आदेश का क्रियान्वयन नहीं किया। इसकी वजह से उसकी जमीन से कब्जे नहीं हट पाए। बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी तहसीलदार द्वारा जवाब पेश नहीं किया जा रहा था। 2 अप्रैल को युगल पीठ ने आदेशित किया कि 22 अप्रैल को तहसीलदार कोर्ट में हाजिर होकर जवाब पेश करें।

डिंडोरी कलेक्टर हाजिर होकरदे जवाब-
सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पारितोष त्रिवेदी ने कहा कि पिछली सुनवाई में तहसीलदार को हाजिर होकर जवाब पेश करने का आदेश दिया गया था, लेकिन तहसीलदार ने हाजिर होकर जवाब पेश नहीं किया। सुनवाई के बाद युगल पीठ ने डिंडोरी तहसीलदार पर 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई है। युगल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं होता है तो डिंडोरी कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा।