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जबलपुर-मंडला रोड अधूरी, फिर क्यों हो रही टोल टैक्स की वसूली - टोल कंपनी को नोटिस

September 12th, 2019 14:31 IST
जबलपुर-मंडला रोड अधूरी, फिर क्यों हो रही टोल टैक्स की वसूली - टोल कंपनी को नोटिस

डिजिटल डेस्क जबलपुर । हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा और जस्टिस विशाल धगट की युगल पीठ ने एनएचएआई, एमपीआरडीसी, जबलपुर कलेक्टर और टोल कंपनी को नोटिस जारी कर पूछा है कि जबलपुर-मंडला रोड अधूरी होने के बावजूद उस पर टोल-टैक्स की वसूली क्यों की जा रही है। युगल पीठ ने अनावेदकों को दो सप्ताह में जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। 
काम 50 प्रतिशत से भी कम हो पाया है
हाईकोर्ट में वकालत करने वाले मंडला निवासी अधिवक्ता ऋषभ रजक की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि जबलपुर-मंडला रोड का पहले एनएच-12 ए के नाम जाना जाता था। अब इसका नाम बदलकर एनएच-30 कर दिया गया है। जबलपुर- मंडला रोड का काम वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। चार साल में जबलपुर-मंडला का काम 50 प्रतिशत से भी कम हो पाया है। हालत यह है कि रोड वाहन चलाने के लायक नहीं है। इससे रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां पर चार-चार घंटे जाम लगा रहता है। रोड खराब होने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। मंडला से जबलपुर आने वाले छात्रों और अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी 27 अगस्त 2019 से जबलपुर के सालीवाड़ा बरेला में टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है। टोल टैक्स की वसूली रोकने के लिए निवास के विधायक डॉ. अशोक मसकोले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन टोल टैक्स वसूली रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में स्वयं पैरवी करते हुए ऋषभ रजक ने कहा कि किसी भी रोड पर टोल-टैक्स की वसूली तभी की जा सकती है, जब रोड का निर्माण पूरा कर लिया जाए। जबलपुर-मंडला रोड का निर्माण अधूरा है, इसके बाद भी टोल-टैक्स की वसूली की जा रही है। याचिकाकर्ता ने युगल पीठ से अनुरोध किया कि रोड का निर्माण पूरा होने तक टोल-टैक्स की वसूली रोकी जाए। यह भी अनुरोध किया गया कि टोल टैक्स नाके को बरेला के आगे बनाया जाए, ताकि निवास रोड से आने-जाने टोल-टैक्स से बच सके। सुनवाई के बाद युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब मांगा है।
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।