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तुलतुला घाटी में भू-स्खलन... छिंदवाड़ा से मटकुली स्टेट हाइवे तीन जगह डैमेज

September 13th, 2019 13:18 IST
तुलतुला घाटी में भू-स्खलन... छिंदवाड़ा से मटकुली स्टेट हाइवे तीन जगह डैमेज

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। तामिया क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते भू-स्खलन की स्थिति सामने आने लगी है। तुलतुला घाटी में भू-स्खलन से छिंदवाड़ा-मटकुली स्टेट हाइवे तीन स्थानों पर डैमेज हो गया है। तामिया के पास 58 वें किलोमीटर पर तुलतुला मंदिर के पास सड़क का सोल्डर बहा, अर्थवर्क और पुलिया डैमेज हो गई। यहां करीब 15 मीटर तक मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। घाटी से तीन किमी ऊपर 62 वें किलोमीटर पर पहाड़ धंसकने से 70 मीटर लंबी सड़क भी धंस गई। जबकि 64 वें किलोमीटर पर मजार के पास सड़क लैंड स्लाइडिंग से सड़क का सोल्डर धंस गया। घाटी के ऊपरी हिस्से में एक छोर की सड़क धंसने से वाहनों का गुजरना कठिन हो गया है। वन-वे कर वाहनों को निकाला जा रहा है। इन स्थितियों में छिंदवाड़ा से भोपाल मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन और ठेका कंपनी सड़क की मरम्मत के काम में जुटी हुई है। 
सड़कों पर बहता है बारिश का पानी
स्टेट हाइवे पर तामिया से कुआंबादला तक पानी सड़कों पर बहता है। घाटी में लैंड स्लाइडिंग की एक बड़ी वजह बारिश का पानी सड़कों पर से बहना भी माना जा रहा है। हालांकि यहां सड़क के साथ नालियां भी बनाई गई हैं, लेकिन मिट्टी व पत्थरों से पटी होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर से बहने की स्थिति है। 
हर बारिश में यहां यही बड़ी समस्या
तुलतुला मंदिर से कुआंबादला के बीच करीब 10 किलोमीटर के हिस्से में लैंड स्लाइडिंग की स्थिति बारिश के लगभग हर सीजन में सामने आती है। वर्ष 2014 में तो तामिया से दो किमी दूर सड़क पर खड़ा एक ट्रक भू-स्खलन के साथ जमीन में धंस गया था। हालांकि इसके बाद भू-स्खलन की बड़ी घटना इस बार सामने आई है। 
बारिश और हुई तो बढ़ सकती है दिक्कतें
जिले में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश तामिया क्षेत्र में हुई है। यहां अब तक 1710 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लैंड स्लाइडिंग की वजह भी अत्याधिक बारिश बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि तामिया क्षेत्र में आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो स्टेट हाइवे पर दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
नौ साल पहले 100 करोड़ में बनी थी सड़क
गांगीवाड़ा से मटकुली तक स्टेट हाइवे का निर्माण वर्ष 2010 में हुआ था। करीब 100 करोड़ की लागत से बनी उक्त सड़क का मेंटेनेंस भी निर्माण  कंपनी को करना है। टोल टैक्स वसूली के साथ ही वर्ष 2033 तक निर्माण कंपनी ही सड़क के रखरखाव का कार्य कर रही है।  
इनका कहना है...
तुलतुला घाटी पर पहाड़ खिसकने से सड़क का करीब 30 मीटर का हिस्सा धंस गया है। जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। फिलहाल मुरम डाली जा रही है, बारिश बाद डामरीकरण किया जाएगा। ट्रेफिक पर असर नहीं पड़ा है। आवागमन जारी है।
- गगन भाबर, डीएम, एमपीआरडीसी
भू-स्खलन की वजह से तीन स्थानों पर सड़क के सोल्डर डैमेज होने की स्थिति बनी है। जिसकी मरम्मत का कार्य जारी है। एक जगह वन-वे कर वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। 
- रीतेश सिंह, हाइवे मैनेजर, केटी कंस्ट्रक्शन कंपनी
 

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