comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

चार दिन में चमकी महिला की किस्मत, खुदाई में मिला जेम क्वॉलिटी वाला 7.87 कैरेट का हीरा मिला

चार दिन में चमकी महिला की किस्मत, खुदाई में मिला जेम क्वॉलिटी वाला 7.87 कैरेट का हीरा मिला



डिजिटल डेस्क पन्ना।   जिले में एक महिला को  खदान की खुदाई में शुक्रवार को 7.87 कैरेट के वजन का जेम क्वालिटी का एक बेशकीमती हीरा मिला है। बारिश के मौसम में जिले की उथली खदानों में आये दिन हीरे निकल रहे है। शुक्रवार शाम को सकरिया के चौपरा स्थित उथली हीरा खदान में पन्ना शहर के बड़ा बाजार स्थित जैन मंदिर के पीछे रानीगंज मोहल्ला निवासी गृहणी श्रीमती राधा अग्रवाल को 7.87 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है। श्रीमती राधा ने चार दिन पूर्व ही दिनांक 7 अक्टूबर को खनिज विभाग से सकरिया के चौपरा में 8 गुणा 7 मीटर उथली हीरा खदान का पट्टा हीरा उत्खनन के लिये प्राप्त किया था और उनकी किस्मत महज पांचवे दिन ही मिले नयाब हीरे से चमक गयी।
ऐसे मिला हीरा-
श्रीमती राधा अग्रवाल के पति मुकेश मोदी शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर कार्य करते है। श्रीमती अग्रवाल जो कि गृहणी है उनके द्वारा अपने परिवार के सदस्यो की सलाह के बाद हीरा खदान का पट्टे के लिये आवेदन किया था और पट्टा मिल जाने के बाद उनके ही द्वारा खदान का शुभारंभ ही किया था और मजदूरो के जरिये उनके द्वारा खदान खुदवाई जा रही थी कि आज उनकी खदान में चाल की बीनाई के दौरान मजदूरो के हाथो में हीरा आया जो मजदूरों द्वारा उन्हें सौंप दिया गया। हीरा प्राप्त होने के बाद श्रीमती राधा अग्रवाल अपने पति मुकेश मोदी के साथ जिले के संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित हीरा कार्यालय पहुंची जहां उनके द्वारा हीरा जमा करवाया गया।
बेहद खूबसूरत है हीरा-
जेम क्वालिटी का हीरा बेहद ही खूबसूरत हीरा है। जानकारो के अनुसार इसकी कीमत लाखो में है। गौरतलब हो कि पन्ना जिले में पिछले दा़े माह के दौरान लगभग आधा दर्जन बेशकीमती क्वालीटी के हीरे हीरा कार्यालय में जमा हुये है। इनमें कुछ दिन पूर्व ही 29.469 कैरेट का वजनी हीरा जो कि हीरा कार्यालय में जमा किया गया आठवां सबसे बड़ा हीरा शामिल है। जिले की उथली खदानो से प्राप्त हीरों की नीलामी आगमी 15 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पन्ना में शुरू हो रही है। जिसमें इस बार वेशकीमती एवं नयाब हीरे आकर्षण का केन्द्र बनेगें। इसे भी 15 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली नीलामी में रखा जायेगा।  

कमेंट करें
WObPI
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।