दैनिक भास्कर हिंदी: तीन गुना स्थायी शुल्क बढ़ाने की तैयारी में महावितरण,बढ़ेगा 8 पैसे प्रति यूनिट स्थायी शुल्क

August 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महावितरण तीन गुना स्थायी शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है। महावितरण का कहना है कि महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग की नीति के अनुसार महावितरण को संरचनात्मक खर्च स्थायी शुल्क के रूप में वसूलना चाहिए। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने भी तीन से पांच वर्ष के अंदर वितरण कंपनियों को अपने स्थायी खर्च की 75 से 100 प्रतिशत वसूली स्थायी शुल्क से करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में महावितरण का संरचनात्मक खर्च कुल खर्च का 55 प्रतिशत है, जबकि आयोग द्वारा मंजूर स्थायी शुल्क इसका केवल 15 प्रतिशत ही है। इसलिए महावितरण ने स्थायी शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, जो उसके स्थायी खर्च का मात्र 24 प्रतिशत ही वसूली देगा। वर्ष 2008 में लोड शेडिंग के चलते स्थाई शुल्क को 50 प्रतिशत घटाया गया था, लेकिन वर्ष 2015-16 में बिजली की पूर्ण उपलब्धता होने के बाद भी उस अनुपात में बढ़ाया नहीं गया। 

इन पर असर
महावितरण के अनुसार गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले 1 लाख 76 हजार उपभोक्ताओं के स्थायी शुल्क में कोई वृद्धि प्रस्तावित नहीं है। जबकि 100 यूनिट तक बिजली का प्रयोग करने वाले 1 करोड़ 20 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्थायी शुल्क 8 पैसे प्रति यूनिट तथा अन्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 5 से 8 प्रतिशत ही वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। 

तीन गुना देना होगा शुल्क
महावितरण का दावा जो भी हो, लेकिन वास्तव में बीपीएल उपभोक्ताओं को छोड़ दें तो स्थायी शुल्क वर्तमान का करीब तीन गुना हो जाएगा। फिलहाल कितनी भी बिजली का प्रयोग घरेलू उपभोक्ता करें, उसे स्थायी शुल्क के रूप में सिंगल फेज मीटर के लिए 65 रुपए प्रतिमाह स्थायी शुल्क देना होता है। प्रस्ताव को अगर मंजूरी मिली, तो विद्युत दर के साथ-साथ स्थायी शुल्क भी स्लैब के अनुसार देना होगा। 100 यूनिट तक प्रयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 115 प्रतिशत अधिक यानी 140 रुपए प्रति माह केवल स्थायी शुल्क के रूप में ही महावितरण को भुगतान करने पड़ेंगे। मतलब, बिजली जले न जले 140 रुपए का बिल आपके घर पहुंच जाएगा।

101 से 300 यूनिट तक की बिजली प्रयोग पर 162 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 170 रुपए, 301 से 500 यूनिट तक प्रयोग करने वाले को 192 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 190 रुपए, 501 से 1000 यूनिट तक के प्रयोग पर वृद्धि 215 प्रतिशत होगी और भरने होंगे 205 रुपए। 1001 यूनिट से अधिक प्रयोग पर वृद्धि 238 प्रतिशत होगी और स्थायी शुल्क देना होगा  220 रुपए। वर्तमान में थ्री-फेज मीटर के लिए 185 रुपए स्थायी शुल्क के रूप में लिए जाते हैं। इसे 400 रुपए करने का प्रस्ताव महावितरण ने रखा है।

जानिए, 100 यूनिट पर  पुराना और नया स्लैब  
यदि कोई उपभोक्ता 100 यूनिट बिजली खपत करता है, तो वर्तमान में उसे स्थाई शुल्क के रूप में 65 रुपए प्रतिमाह देने होते हैं। विद्युत चार्ज 3 रुपए 07 पैसे, व्हीलिंग चार्ज 1 रुपए 18 पैसे। विद्युत की औसत दर होती है 4 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट। प्रस्ताव मंजूर हुआ तो 100 यूनिट के लिए स्थाई शुल्क 140 रुपए होगा। विद्युत चार्ज 3 रुपए 07 पैसे, व्हीलिंग चार्ज 1 रुपए 26 पैसे और औसत विद्युत दर 5 रुपए 73 पैसे प्रति यूनिट हो जाएगी। मतलब प्रति यूनिट 83 पैसे की वृद्धि, जो वर्तमान दर का 17 प्रतिशत होगी। लेकिन यदि व्यक्ति 75 यूनिट बिजली का प्रयोग करता है, तो स्थाई शुल्क उतना ही होगा यानी वृद्धि होगी 21 प्रतिशत। 50 यूनिट प्रयोग करेगा तो वृद्धि 28.5 प्रतिशत होगी।

वृद्धि का प्रस्ताव गलत, जताया ऐतराज
महाराष्ट्र विद्युत उपभोक्ता संगठन के अध्यक्ष प्रताप होगाड़े के अनुसार महावितरण का यह कहना सही है कि सन् 2008 में स्थाई शुल्क को कम किया गया था। उस समय राज्य में लोडशेडिंग हो रही थी। आयोग का मानना था कि यदि उपभोक्ता को पूरे समय विद्युत उपलब्ध नहीं है, तो उस पर यह भार डालना उचित नहीं है। श्री होगाड़े के अनुसार महावितरण ने यह सत्य छुपा लिया है कि आयोग ने स्थाई शुल्क कम किया था और विद्युत दरों में वृद्धि दी थी। साथ ही कहा था कि जब विद्युत की उपलब्धता पूर्ण हो जाएगी तो स्थाई शुल्क को बढ़ाया जाएगा लेकिन विद्युत दरों को कम किया जाएगा। महावितरण ने तो स्थाई शुल्क और विद्युत दर दोनों में वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जो गलत है।