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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल मीडिया में एफडीआई पर नीति का एक महीने में अनुपालन करने अनुरोध किया

November 17th, 2020 14:42 IST
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल मीडिया में एफडीआई पर नीति का एक महीने में अनुपालन करने अनुरोध किया

डिजिटल नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्रालय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल मीडिया में एफडीआई पर नीति का एक महीने में अनुपालन करने अनुरोध किया। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज सरकारी अनुमोदन के तहत 26 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने वाले केन्‍द्र सरकार के 18 सितम्‍बर,2019 के निर्णय का अनुपालन करने के लिए डिजिटल मीडिया के माध्‍यम से समाचारों और करंट अफेयर्स की अपलोडिंग/स्‍ट्रीमिंग में सलंग्‍न योग्‍य कंपनियों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। यह सार्वजनिक सूचना मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है,जिसमें एक महीने में इस निर्णय का अनुपालन करने के लिए योग्‍य कंपनियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का विस्‍तृत उल्‍लेख किया गया है। इस सार्वजनिक सूचना के तहत- 26 प्रतिशत से कम विदेशी निवेश वाली कंपनियों को आज से एक महीने के अंदर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को निम्‍‍नलिखित जानकारी प्रस्‍तुत करनी है- (ए) अपने निदेशकों/शेयरधारकों के नाम और पते के साथ कंपनी/संस्‍था के ‘शेयर होल्डिंग पैटर्न’का विवरण, (बी) प्रमोटरों/महत्वपूर्ण लाभार्थी/मालिकों का नाम और पता, (ग) एफडीआई नीति, विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण संसाधन) विनियम, 2019 और विदेशी मुद्रा प्रबंधन (भुगतान की विधि और गैर-ऋण साधनों की रिपोर्ट) के तहत मूल्य निर्धारण, प्रलेखन और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के अनुपालन के संबंध में पुष्टि के साथ-साथ विगत और मौजूदा विदेशी निवेश और डाउनस्ट्रीम निवेश यदि कोई हो,के समर्थन में प्रासंगिक रिपोर्टिंग फॉर्मों की संबंधित प्रतियां भी संलग्‍न की जाएं। और (डी) स्थायी खाता संख्या और नवीनतम लेखा परीक्षण,गैर-लेख परीक्षण/आय और हानि विवरण तथा लेखा परीक्षक की रिपोर्ट के साथ बैलेंस शीट। (2) ऐसी कंपनियां, जिनके पास वर्तमान में 26 प्रतिशत से अधिक विदेशी निवेश के साथ इक्वि‍टी ढांचा हैं,वे एक माह के अंदर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को उपरोक्‍त (1)के अनुसार समान विवरण प्रस्‍तुत करेंगी और 15 अक्टूबर, 2021 तक विदेशी निवेश 26% तक कम करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मंजूरी लेंगी। (3) देश में नया विदेशी निवेश लाने की इच्‍छुक किसी कंपनी (ए) को भारत सरकार की एफडीआई नीति और इस बारे में 2019 (दिनांक 18 सितम्बर 2019) के डीपीआईआईटी प्रेस नोट संख्‍या-4 (बी) 5 दिसंबर 2019 की अधिसूचना के तहत विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) (संशोधन) नियम, 2019 की जरूरतों के अनुसार डीपीआईआईटी के विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल के माध्‍यम से केन्‍द्र सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। नोट: - निवेश का अर्थ है भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जारी किसी प्रतिभूति या इकाई की खरीदारी, अधिग्रहण, धारण या हस्तांतरण। (4) प्रत्येक कंपनी को निदेशक मंडल और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (जो भी नाम कहा जाए) की नागरिकता की आवश्यकताओं का अनुपालन करना होगा। कंपनियों में एक साल में 60 दिन से अधिक के लिए नियुक्ति,अनुबंध या परामर्श या कंपनी के कामकाज के लिए किसी अन्‍य क्षमता के तरीके द्वारा तैनात किए जाने वाले विदेशी कर्मियों के बारे में उनकी तैनाती से पूर्व सुरक्षा मंजूरी लिए जाने की आवश्‍यकता है। इस उद्देश्‍य के लिए कंपनियों को कम से कम 60 दिन पहले सूचना और प्रसारण मंत्रालय में आवेदन करना होगा और प्रस्तावित विदेशी कर्मियों की कंपनी द्वारा तैनाती इस मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बाद ही की जा सकेगी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।