comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सीमेंट प्रबंधन की अड़ी के खिलाफ संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन  के गेट में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे विधायक

सीमेंट प्रबंधन की अड़ी के खिलाफ संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन  के गेट में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे विधायक

 डिजिटल डेस्क सतना।  जेपी सीमेंट बाबूपुर में श्रमिक आंदोलन के 13वें दिन यहां इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में स्थाई और नए ठेका मजूदरों को  फैक्ट्री के अंदर प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई। इसी बीच मौके पर मौजूद कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने प्रशासन पर प्रबंधन की पैरवी के आरोप लगाए और सड़क पर धरने पर बैठ गए।  उन्होंने अन्न-जल त्यागने का ऐलान किया और फिर समर्थकों समेत संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के गेट पर आकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरु कर दिया।  दावे के मुताबिक नौकरी से बाहर किए गए 200 श्रमिकों को बगैर शर्त काम पर वापस नहीं लेने तक धरना आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले सुबह 8 बजे से बाबूपुर में भिलाई जेपी सीमेंट फैक्ट्री के गेट पर प्रदर्शनकारी श्रमिकों को मजमा लगना शुरु हो गया था। विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा साढ़े 8 बजे पहुंचे। हालात के मद्देनजर एसडीएम पीएस त्रिपाठी, तहसीलदार मानवेन्द्र सिंह के साथ सीएसपी विजय प्रताप सिंह , कोलगवां के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना और सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।  इस दौरान विधायक की पुलिस और प्रशासन के अफसरों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
 क्या हैं आरोप :----
सीमेंट स्टील फाउंड्री खदान कामगार यूनियन  और विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा का आरोप है कि लॉकडाउन की आड़ में भिलाई जेपी सीमेंट प्रबंधन ने 200 ठेका श्रमिकों को नौकरी से बाहर कर दिया। 23 अप्रैल से जब फैक्ट्री में प्रोडेक्शन चालू किया गया तो साढ़े 300 नियमित श्रमिकों के अलावा शेष नए ठेका श्रमिकों को लेकर काम चालू कर दिया गया। ठेके के नए श्रमिकों को काम पर लेने की भनक जब पुराने ठेका श्रमिकों को लगी तो आंदोलन शुरु हो गया। इस मामले में जब विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने हस्तक्षेप किया तो प्रबंधन ने जरुरत के हिसाब से पुराने ठेका श्रमिकों को काम पर लेने का आश्वासन दिया और शर्त रखी कि काम पर आने वाले श्रमिकों को माफीनामा देना होगा। आंदोलन को जब और गति मिली तो प्रशासन के साथ 2 मर्तबा त्रिपक्षीय बातचीत हुई मगर दोनों वार्ताएं भी अंतत: विफल हो गईं। विधायक के साथ सोमवार को एटक यूनियन के अध्यक्ष अरुण तिवारी, महामंत्री रामसरोज कुशवाहा, सिद्धार्थ सिंह, तिलक राज सोनी, गणेश त्रिवेदी, शिव शंकर गर्ग और मो.तारिक भी धरने पर रहे।
 

कमेंट करें
x5e70
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।