comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

विसर्जन को लेकर नगर पालिका कर्मी से मारपीट - पुलिस ने मामला दर्ज किया

विसर्जन को लेकर नगर पालिका कर्मी से मारपीट - पुलिस ने मामला दर्ज किया

डिजिटल डेस्क जबलपुर । पनागर थाना क्षेत्र के गुरुनानक वार्ड स्थित विसर्जन कुंड में रात में गांधी मैदान दुर्गा समिति के ब्रजेश सिंह ठाकुर, रंजीत ठाकुर, नवनीत उर्फ पप्पू सोंधिया, नितिन ठाकुर आये और  विसर्जन की बात को लेकर बोले की पहले हम विसर्जन करेंगे। उन्हें क्रम से विसर्जन करने कहा तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए नपा कर्मी गोविंद प्रसाद उम्र 61 वर्ष हाथ-घूँसों से मारपीट की।में पहले प्रतिमा विसर्जन करने की बात को लेकर विवाद करते हुए वहाँ तैनात नगर पालिका कर्मी से मारपीट करने वालों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार नपा कर्मी गोविंद प्रसाद उम्र 61 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह पनागर नगर पालिका में राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत है। बीती रात विसर्जन कुंड में उसकी ड्यूटी लगी थी। राजस्व निरीक्षक ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने पहले मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाते हुये भाग  गये। रिपोर्ट पर धारा 353, 186, 332, 294, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  
चलसमारोह में नाचने को लेकर विवाद
 बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में बीती रात विसर्जन के दौरान सोनी मोहल्ला के पास दूसरी समिति के लोग आ गये, इस दौरान हेमराज का धक्का मोनू एवं नीलू भुर्रक को लग गया था। इस बात को लेकर विवाद करते हुए  उन्होंने गाली-गलौज कर मारपीट कर दी।
नाचने को लेकर जमकर विवाद हुआ। इस दौरान हुई मारपीट की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार गुरु मोहल्ला बेलखेड़ा निवासी हेमराज गोंड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि व अपनी समिति वालों के साथ नाचते-गाते हुए जा रहा था। सोनी मोहल्ला के पास दूसरी समिति के लोग आ गये एवं नाचने लगे। इस दौरान उसका धक्का मोनू एवं नीलू भुर्रक को लग गया था। इस बात को लेकर विवाद करते हुए उन्होंने गाली-गलौज कर हाथ-मुक्कों से मारपीट की एवं उसे उठाकर नाली में पटक दिया, जिससे उसके सिर व चेहरे में चोटें आईं।  रिपोर्ट पर धारा 294, 323, 506, 34, 3(1)ध, 3(1)द, 3(2)व्ही ए एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
 

कमेंट करें
01KgP
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।