दैनिक भास्कर हिंदी: अब सामान्य राशन कार्ड वालों को भी मिलेगा सरकारी राशन, करना होगा ये काम

November 8th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकार ने गरीबी रेखा के ऊपर (एपील) कार्ड धारकों को सशर्त सरकारी अनाज देने का फैसला किया है। इसके लिए एपीएल कार्ड धारक को गारंटी पत्र और स्वयंघोषित आय प्रमाणपत्र संबंधित राशन दुकानदार के पास जमा करना होगा। संबंधित व्यक्ति की सालाना आय 59 हजार से कम होनी चाहिए। सरकार अब तक बीपीएल, प्राधान्य गट, अन्नपूर्णा व अंत्याेदय कार्ड धारकों को 2 रुपए किलो गेहू व 3 रुपए किलो चावल दे रही थी। इसके अलावा कुछ महीनों से 35 रुपए किलो तुवर दाल भी दी जा रही है। एक कार्ड पर एक किलो तुवर दाल दी जा रही है।

सरकार के बायोमेट्रीक प्रणाली लागू करने से कार्ड धारक या उसके परिवार के सदस्य को प्वाइंट आफ सेल (पॉस) मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही अनाज दिया जाता है। कई लोग अनाज लेने राशन दुकान जाते नहीं है। इसी तरह कई लोगों की आय सीमा से ज्यादा होने से अनाज उठाते नहीं है। बायोमेट्रीक प्रणाली लागू होने के बाद से जारी हो रहे तय कोटे के अनाज में जबरदस्त बचत हो रही है। जो लोग राशन दुकान पहुंचते नहीं उनका अनाज दूसरा उठा नहीं सकता। इस बचे हुए अनाज में अन्य जरूरतमंदों को शामिल करने का फैसला सरकार ने पहले ही लिया था आैर अब यह प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।

30 अप्रैल 2018 के पहले के जिनके केशरी (एपीएल) कार्ड है, उन्हें गारंटी पत्र, सालाना आय 59 हजार होने का स्वयंघोषित प्रमाणपत्र, सभी सदस्यों के आधार कार्ड (फोटो कॉपी) व बैंक अकाउंट नंबर राशन दुकानदार के पास देना होगा। नागपुर शहर के खाद्यान्न विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जिनकी सालाना आय 59 हजार तक है, वे गारंटी पत्र व स्वयंघोषित आय पत्र देकर इसका लाभ ले सकते है। देना है। पात्र एपीएल कार्ड पर एक व्यक्ति को 5 किलो गेहूं या चावल दिया जाएगा। इन्हें अनुदानित मूल्य यानी 2 रुपए किलो गेहू व 3 रुपए किलो चावल दिया जाएगा। बीपीएल को जितना अनुदानित अनाज व दाल मिलती है, उतना ही अनाज व दाल इन्हें भी मिलेगी।

336 आेवरलोड, 275 स्कूल बस व 607 दुपहिया वाहनों पर कार्रवाई
उधर प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीआे) ने 7 महीने में आेवरलोड वाहनों, अवैध यात्री वाहनों, स्कूल बसों व दुपहियां वाहनों पर कार्रवाई कर इनसे 93 लाख 91 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया। 336 आेवरलोड, 275 स्कूल बस व 607 दुपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई। आरटीआे ने अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2018 तक कई स्थानों पर वाहनों की जांच की। क्षमता से ज्यादा माल ढुलाई (आेवरलोड), क्षमता से ज्यादा यात्री बैठाना, स्कूल बस, फीटनेस, दुपहियां वाहनों की जांच की आैर आरटीआे नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में जुर्माना वसूला।

आरटीआे ने 336 आेवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की। 275 स्कूल बसों पर कार्रवाई की। स्कूल बसों में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बिठाने के साथ ही फिटनेस व आरटीआे के दिशा निर्देशों का उल्लंघन पाया गया। 239 वाहन चालकों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिला। 607 दुपहिया वाहनों पर कार्रवाई कर इनसे 3 लाख 22 हजार जुर्माना वसूला गया। आरटीआे ने सभी वाहनों से कुल 93 लाख 91 हजार जुर्माना वसूला। परिवहन नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में वाहन चालकों के अलावा वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई की गई। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी नागपुर शहर ने यह अभियान आगे भी जारी रहने की जानकारी दी। कार्रवाई के दाैरान दिए जानेवाले प्रलोभन का शिकार नहीं होने का आह्वान किया।
 

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