डीपीएस तिलवारा में ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ.सुदेश ब्याला ने कहा कि छात्रों के भविष्य निर्माण में पेरेन्ट: बच्चों के लिए हर हाल में वक्त निकालें अभिभावक

February 26th, 2022

 डिजिटल डेस्क जबलपुर। पेरेन्ट्स के लिए उनके जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा बच्चा होता है, इसलिए बच्चे को अच्छा पढ़ा-लिखाकर एक योग्य व्यक्ति बनाएँ। मैं हमेशा पेरेन्ट्स से यही कहता हूँ कि अपने बच्चों को टाइम दें, उनके भविष्य के लिए सजग रहें। उक्त विचार दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) तिलवारा में मुख्य अतिथि एवं वक्ता ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ.सुदेश ब्याला ने व्यक्त किए। श्री ब्याला ने बताया कि एजूकेशन के क्षेत्र में हम सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। व्याख्यान में पलक अग्रवाल, गीतिका अग्रवाल, मधु अग्रवाल, प्राचार्य राजेश क्षेत्रीय, एकेडमिक को-ऑर्डिनेटर शुभा रेड्डी की विशेष उपस्थिति रही।
शेष की पूर्ति प्रतिष्ठा से होती है...
व्याख्यान दो सत्रों में हुआ। इस दौरान श्री ब्याला ने बेहतर शिक्षा के साथ संपूर्ण विकास पर जोर देने की बात कही। उन्होंने फेवरेट कोटेशन बोलते हुए कुछ इस तरह मोटिवेट किया- योग्यता एक चौथाई व्यक्तित्व का निर्माण करती है,शेष की पूर्ति प्रतिष्ठा से होती है इसलिए अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए भरसक प्रयास करना चाहिए।
कम्फर्ट जोन से बाहर आएँ
डॉ. ब्याला ने कहा कि कोरोना काल में हमने बहुत सारी चीजों का सामना किया, जिसमें बच्चों ने शिक्षा हासिल करने के लिए परेशानियाँ भी झेली हैं। वक्त बदला है अब घर से बाहर निकलने का समय है यानी कि कंफर्ट जोन से निकलकर बच्चे स्कूल आएँ। क्लास में बैठकर पढ़ाई करें और खेल गतिविधियों का हिस्सा बनें। तभी समुचित विकास की ओर अग्रसर हो सकेंगे।
टीचर से अपनी प्रॉब्लम सॉल्व करें
व्याख्यान के दौरान ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् ने कहा कि बच्चे खूब पढ़ें और खूब खेलें। ग्रांउड में समय बिताएँ और अपने हुनर को निखारें। सब्जेक्ट में जो भी परेशानी आ रही है उसे स्कूल में ही टीचर से पूछें और प्रॉब्लम सॉल्व करें। पेरेन्ट्स और टीचर बच्चों के प्रोग्रेस को लेकर बातें साझा करें।
बेहतर आइडिया के साथ काम
श्री ब्याला ने कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए जरूरी है कि मैनेजमेंट अच्छे विजन और आइडिया के साथ काम करे। यह कोशिश अब गतिमान हो रही है। जिसमें स्टूडेंट्स के डेवलपमेंट का पूरा ध्यान रखा जाएगा, न्यू एक्सपीरिएंस और कुछ कर गुजरने की चाहत दिखाई देगी, इसके लिए पेरेन्ट्स को भी आगे आना होगा।  यही स्टूडेंट्स आगे चलकर युवा बनेंगे और देश को बदलने का जज्बा रखेंगे। इस दौरान पेरेन्ट्स ने स्कूल की लाइब्रेरी, म्यूजिक, आर्ट एंड क्राफ्ट क्लास रूम के साथ पूरे स्कूल का भ्रमण किया। साथ ही डॉ.ब्याला ने पेरेंट्स से भी संवाद किया।