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दिल्ली से लौटकर गांव में बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेलता रहा संक्रमित, इसलिए परेशानी बढ़ी

दिल्ली से लौटकर गांव में बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेलता रहा संक्रमित, इसलिए परेशानी बढ़ी

डिजिटल डेस्क बड़ामलहरा । बड़ामलहरा क्षेत्र के घुरावली गांव में दो दिन पहले दिल्ली से लौटे युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 50 पहुंच गई है। हालांकि  कुल एक्टिव केस की संख्या 9 ही है।  बड़ामलहरा के घुरावली गांव में दिल्ली से 17 जून को वापस लौटे 25 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। खबर मिलते ही  रात 8 बजे एसडीएम नाथूराम गौंड़, नायब तहसीलदार केके गुप्ता सहित प्रशासनिक अमला घुरावली पहुंच गया। जहां सारे गांव को सेनेटाइज करने के साथ कंटेनमेंट एरिया बना दिया गया है। जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय युवक दिल्ली से वापस मोदी गेट से बस में सवार होकर 17 जून के सुबह 5-6 बजे के करीब अपने गांव पहुंचा था। 18 जून को थर्मल स्क्रीनिंग कराने बड़ामलहरा सीएचसी आया था। उस दिन कोविड टास्कफोर्स सचिव डॉ. हेमंत मरैया के निर्देशन में डॉ. नितिन पांडेय, लैब टेक्निशियन अमित असाटी, बीपीएम दयाराम अहिरवार की टीम ने 7 सैंपल कलेक्ट किए। अभी अन्य रिपोर्ट तो नहीं आईं, मगर शुक्रवार को देर शाम एक रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। चूंकि उक्त युवक सैंपल लेने के साथ ही कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन युवक 17 जून को घुरावली गांव पहुंचने के बाद सारे दिन गांव में घूमता रहा। खबर यह भी है कि वह बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेलता रहा। इसके चलते समूचे गांव को न केवल सेनेटाइज कराया गया बल्कि कांटेक्ट हिस्ट्री की पूरी पड़ताल की जा रही है। अब बड़ामलहरा, सड़वा, मदनीबार, बूदौर सहित घुरावली में मिले संक्रमित सहित बड़ामलहरा क्षेत्र में कोरोना एक्टिव की संख्या 5 हो गई है। उधर बीईई अलका राय ने बताया कि 19 जून को बाहर से आए 42, कंटेनमेंट एरिया में 200 लोगों सहित कुल 242 की थर्मल स्क्रीनिंग कर कंटेनमेंट एरिया के 430 लोगों का फालोअप लिया गया। साथ ही शुक्रवार को कोरोना संदिग्ध 14 लोगों के थ्रोट स्बाव सैंपल लेकर टेस्ट के लिए जिला अस्पताल भेजे गए हैं। इन सभी को संस्थागत क्वारेंटाइन किया है।
संक्रमित ढड़ारी शिफ्ट
बड़ामलहरा कोविड केयर सेंटर से कोरोना संक्रमित घुरावली निवासी 25 वर्षीय युवक को ढड़ारी स्थित आइसोलेशन वार्ड में देर रात शिफ्ट करने के लिए स्पेशल एंबुलेंस से रवाना कर दिया है। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि जिले में टेस्ट की रफ्तार धीमी होने की वजह से भी कोरोना संक्रमितों का सही अनुमान लगाना दुश्वार हो रहा है।
जिले में 19 मई को मिला था पहला पीडि़त 
जिले में लॉकडाउन 4.0 के बाद अनलॉक 1.0 शुरू होते ही 19 मई को जिले में पहले दो संक्रमित नौगांव और कैथोकर में मिले थे। मई माह की समाप्त होते ही जिले में संक्रमितों की संख्या 24 पहुंच गई थी। इसके बाद एक जून से 19 जून तक कुल 26 संक्रमित जून के माह में मिले। यानि महज एक माह में ही जिले में कुल 50 संक्रमित पाए गए। इनमें से 41 संक्रमित ठीक होकर डिस्चार्ज होकर अपने घरों में क्वारेंटाइन हैं और वहीं 9 संक्रमितों का इलाज कोविड केयर सेंटर में चल रहा है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।