मौत के 2 वर्ष बाद सीआईडी ने की पुष्टि, केस खत्म :  बांधवगढ़ में बबुली से ही हुई थी सतना पुलिस की मुठभेड़ 

August 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क सतना। साढ़े 6 लाख के अंतरराज्यीय इनामी गैंग लीडर बबुली कोल की मौत के तकरीबन 2 वर्ष बाद रीवा सीआईडी इस नतीजे पर पहुंची है कि उमरिया जिले के बांधवगढ़ रिसोर्ट में जनवरी 2016 में सतना पुलिस की मुठभेड़ इसी दुर्दान्त दस्यु से हुई थी। केस पर खारिज खात्मा लगा दिया गया है।  प्रकरण मानपुर स्थित कोर्ट में पेश कर दिया गया है। 
साढ़े 4 वर्ष पहले हुआ था आमना-सामना :
 उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 जनवरी माह में सतना पुलिस को सूचना मिली थी कि दस्यु बबली कोल और लवलेश कोल बांधवगढ़ के समीप बिझुरिया गांव में स्थित व्हिसपिं्रग रिसार्ट में ठहरे कुछ लोगों को धमकाने अपने गिरोह के साथ जा रहा है। जिस पर तबके सतना एसपी मिथलेश शुक्ला के नेतृव में सतना पुलिस  24 जनवरी 2016 को रिसार्ट पहुंची। दोपहर लगभग डेढ़ बजे पुलिस को देखते ही बबली कोल के गिरोह के सदस्यों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सतना पुलिस ने भी गोली चलाई। दोनों ओर से हो रही फायरिंग के बीच बबली और लवलेश कोल जंगल के रास्ते भाग निकले। इस मुठभेड़ में कोई घायल नहीं हुआ।  विवेचना के बाद सीआईडी ने इस मुठभेड़ के मामले में खात्मा लगाकर प्रकरण मानपुर न्यायालय को सौंप दिया। घटनास्थल मानपुर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत था। खात्मा लगाने के अलावा सीआईडी ने विवेचना के दौरान मुठभेड़ को सही पाया। 
 क्या है पूरा मामला 
जिस प्रकरण में सीआईडी ने खात्मा लगाया है वह उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिले के राजापुर ब्लाक का है। दरअसल राजापुर ब्लाक में सदस्यों का चुनाव हो चुका था। अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोटिंग बांकी थी। ब्लाक मेंबर को अध्यक्ष के लिए वोट करना था। वोटिंग के कुछ दिन पहले एक पक्ष कुछ ब्लाक मेंबर को लेकर बांधवगढ़ के रिसार्ट में चला गया। बबली और लवलेश कोल इन्हीं ब्लाक मेंबर को धमकाने के लिये रिसार्ट में पहुंचे थे। बबली और लवलेश कोल का पीछा करते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मिथलेश शुक्ला के नेतृत्व में आधा सैकड़ा पुलिस बल बांधवगढ़ के रिसार्ट में पहुंचा था। इस दल में सतना के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश्वर यादव, सीएसपी बीडी पाण्डेय, मैहर के तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष त्रिपाठी और अनिमेष द्विवेदी भी शामिल थे।
 

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