दैनिक भास्कर हिंदी: शहडोल के भाजपा सांसद ज्ञान सिंह का निर्वाचन निरस्त करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

April 8th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने शहडोल के भाजपा सांसद ज्ञान सिंह का निर्वाचन निरस्त करने के मप्र हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस डीवाय चंद्रचूड और जस्टिस हेमंत गुप्ता की युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है। सत्ताधारी दल के दबाव में याचिकाकर्ता का नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि मांझी जाति अनुसूचित जन-जाति में नहीं आती है।

यह कहा गया दायर याचिका में
जैतहरी निवासी महावीर प्रसाद मांझी की ओर से दायर चुनाव याचिका में कहा गया था कि शहडोल लोकसभा के लिए 19 नवंबर 2016 को उप चुनाव कराए गए थे। याचिकाकर्ता ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। सत्ताधारी दल के दबाव में याचिकाकर्ता का नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि मांझी जाति अनुसूचित जन-जाति में नहीं आती है। इस चुनाव में भाजपा के ज्ञान सिंह निर्वाचित हुए थे।

याचिका में तर्क दिया कि जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का अधिकार केवल राज्य स्तरीय छानबीन समिति को है। निर्वाचन अधिकारी किसी का भी जाति प्रमाण-पत्र निरस्त नहीं कर सकता है। सुनवाई के बाद एक मार्च को जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल पीठ ने शहडोल से भाजपा सांसद ज्ञान सिंह निर्वाचन निरस्त कर दिया था। सांसद ज्ञान सिंह को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था।

विशेष अनुमति याचिका दायर की गई
ज्ञान सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता रविन्द्र श्रीवास्तव और अर्जुन गर्ग ने दलील दी कि अनावेदक का जाति प्रमाण संदिग्ध पाते हुए नामांकन निरस्त करने की सिफारिश की गई थी। जिसके आधार पर नामांकन निरस्त किया गया। इस तथ्य के आधार पर चुनाव निरस्त करना उचित नहीं है। प्रांरभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शहडोल सांसद का निर्वाचन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है।