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डेढ़ माह से लापता युवक का राजाबाबा वाटरफॉल में मिला कंकाल -दोस्त ने गोली मारकर की थी हत्या, 2 गिरफ्तार

डेढ़ माह से लापता युवक का राजाबाबा वाटरफॉल में मिला कंकाल -दोस्त ने गोली मारकर की थी हत्या, 2 गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क सतना। उचेहरा थाना क्षेत्र के अतरबेदिया कला से डेढ़ माह पूर्व रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवक की हत्या गोली मारकर उसके ही साथियों ने कर दी थी। पुलिस ने सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए परसमनिया पठार के राजाबाबा वाटरफॉल से मृतक का कंकाल बरामद करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि अतरबेदिया कला निवासी भानु प्रकाश गौतम पुत्र आनंद प्रकाश गौतम 22 वर्ष, बीते 11 अप्रैल को पड़ोसी गांव अतरबेदिया-खुर्द के किराना दुकानदार कोद्दू उर्फ रामनारायण मिश्रा पुत्र स्वर्गीय शंकर प्रसाद मिश्रा 32 वर्ष, के साथ बाल कटाने के लिए उचेहरा जाने की बात कहकर निकल गया था। दोनों लोग बाइक से रवाना हुए थे, तब कई लोगों ने उन्हें देखा था, मगर इसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। कई दिन तक खोजबीन करने के बाद दोनों के परिजनों ने नागौद थाने में शिकायत की, जहां से कुछ दिन बाद भानु की गुमशुदगी का प्रकरण उचेहरा पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं रामनारायण ने घर से 70 हजार रुपए यह कहकर लिए थे कि उचेहरा में थोक दुकानदार की उधारी चुकानी है।
ऐसे मिला सुराग ——
पुलिस ने भानु और रामनारायण का पता लगाने के लिए तमाम प्रयास किए, मगर कोई सुराग नहीं मिल रहा था। ऐसे में मुखबिरों को सक्रिय किया गया, तो साइबर सेल से दोनों के मोबाइल की सीडीआर निकाली गई। अंतत: डेढ़ माह बाद एक ग्रामीण ने लापता युवकों के साथ बाइक पर पिथौराबाद निवासी अंशू उर्फ नारायणदत्त उरमलिया पुत्र कमलभान उरमलिया 28 वर्ष को देखने की जानकारी दी। उक्त युवक का नम्बर सर्च किया गया तो घटना से पहले रामनारायण से बात होने के साक्ष्य मिले और उनकी मोबाइल लोकेशन भी काफी देर तक एक साथ ही दिखाई दी। ऐसे में उचेहरा टीआई राजेन्द्र मिश्रा ने अंशू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया।
लापता होने के दिन ही हत्या —-
आरोपी अंशू ने पुलिस को बताया कि अतरबेदिया से निकलने के बाद पिथौराबाद से रामनारायण ने उसे भी बाइक पर बैठा लिया और फिर तीनों लोग पोंडी पहुंचे, जहां देशी ठेके से शराब खरीदकर महाराजपुर के रास्ते कर्दमेश्वरनाथ चले गए। वहां पर नहाने के बाद एकांत में शराब पी और फिर मुख्य आरोपी रामनारायण ने परसमनिया की तरफ से उचेहरा चलने की बात कही। उसने गाड़ी अंशू को थमा दी और भानु के साथ पीछे बैठ गया। शाम तकरीबन साढ़े 6 बजे तीनों राजाबाबा घाट पर पहुंचे तो मुख्य आरोपी ने वाटरफॉल देखने की इच्छा जताई और गाड़ी रुकवाकर भानु के साथ आगे चल दिया, जबकि अंशू बाथरूम के लिए पीछे रुक गया। कुछ मिनट बाद जब वह उनकी तरफ गया तो देखा कि भानु चौथे फॉल के आगे चट्टान पर बैठा है और रामनारायण पीछे खड़ा था, जिसने कमर से अचानक कट्टा निकाला और युवक के सिर पर फायर कर दिया। यह देखकर अंशू भागते हुए वापस बाइक की तरफ आ गया। इसी बीच एक और गोली चलने की आवाज आई। 10 मिनट बाद आरोपी रामनारायण भी ऊपर आ गया और अंशू को मुंह खोलने पर मार डालने की धमकी देते हुए बाइक से पोंडी लाकर छोड़ दिया।
खुलासा होते ही पकड़ा गया मुख्य आरोपी —-
इसके बाद वह चंपत हो गया, आरोपी ने रात साढ़े 12 बजे अपना मोबाइल भी बंद कर दिया था, उसके बाद चालू नहीं हुआ। अंशु के पकड़े जाने के बाद नागौद के एसआई सुधांशु तिवारी को मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का टास्क दिया गया था, जिन्होंने 24 घंटे से कम समय में ही उसे पकड़ लिया। अभी तक की पूछताछ में दोनों ही आरोपी रुपयों के लेन-देन के विवाद में हत्या की बात कह रहे हैं। आरोपी रामनारायण को मृतक भानु के लगभग 60 हजार रुपए लौटाने थे। एसपी ने कहा कि भानु और रामनारायण की गुमशुदगी के बाद सभी परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों से कई दफा पूछताछ की गई, मगर किसी ने मुुंह नहीं खोला। मगर अब जांच में आरोपी को छिपाने और मदद करने में जिनका भी नाम आएगा उन सभी की भूमिका अपराध में तय की जाएगी।
रात में घटना स्थल पहुंचे एसपी, सुबह निकाला कंकाल —-
आरोपी अंशू के खुलासे पर उचेहरा और नागौद पुलिस बुधवार रात को ही उसे लेकर घटना स्थल पर गई, जहां एसपी धर्मवीर सिंह भी पहुंचे और मौका मुआयना करने के साथ ही आरोपी से पूछताछ भी की, मगर अंधेरा होने के कारण कंकाल को निकाला नहीं जा सका। गुरूवार सुबह दोनों थानों की पुलिस के साथ एसडीओपी रविशंकर पांडेय और फॉरेंसिक टीम पुन: मौके पर गई, तब लगभग 2 घंटे की सर्चिंग के बाद मृतक भानु के कंकाल को अलग-अलग हिस्सों में बरामद किया गया। परिजनों ने मृतक के कपड़ों और जूतों से उसकी पहचान कर ली। कंकाल को उचेहरा अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर ने देखते ही मेडिको लीगल सेल रीवा के लिए रेफर कर दिया। पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस उसका डीएनए टेस्ट भी कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने पर उचेहरा के साथ ही नागौद टीआई आरपी सिंह और जांच में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
1 मई को भानु के पिता की हो गई थी मौत —-
बेटे के गायब होने के बाद से ही आनंद प्रकाश गौतम ने दिन-रात तलाश में लगे हुए थे, इसी भागदौड़ में वह कोरोना से संक्रमित हो गए और इलाज के दौरान 1 मई को उनका निधन हो गया। श्री गौतम के परिवार में अब मां, पत्नी, बेटी और छोटा बेटा शानू गौतम ही रह गए हैं।
बनाई गई थी एसआईटी
इस मामले को लेकर परिवार के लोगों ने एक सप्ताह पूर्व एसपी धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने नागौद एसडीओपी रविशंकर पांडेय के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया था, जिसमें नागौद टीआई आरपी सिंह, उचेहरा टीआई राजेन्द्र मिश्रा, पोंडी चौकी प्रभारी अभिलाषा नायक समेत 2 आरक्षकों को शामिल किया गया था।

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