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प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मास्टर माइंड को दबोचा

प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मास्टर माइंड को दबोचा

डिजिटल डेस्क जबलपुर।  उमरिया जिला के पाली निवासी सागर से माइनिंग का डिप्लोमा कर रहा सौरभ चौबे प्रदेश में सबसे बड़ी साइबर ठगी का मास्टर माइंड  निकला। उसने ठगी का नया तरीका ईजाद किया और एम 2 मनी वॉलेट का ई-वॉलेट बनाकर इस कारनामे को अंजाम दिया। विगत दो सालों से चल रहे इस गोरखधंधे का खुलासा होने तक प्रदेश के कई जिलों के  लोग इसके शिकार बन चुके थे। इस मामले में स्टेट साइबर सेल ने पड़ताल करते हुए आरोपी जालसाज को झारखंड से गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गयी। इस संबंध में पीडि़त अनिल सिंह द्वारा शिकायत किए जाने पर विशेष पुलिस महानिदेशक राजेन्द्र कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मिलिन्द कानस्कर द्वारा निर्देशित किए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना में पाया गया कि  आरोपी सौरभ चौबे जो कि छोटे से शहर पाली जिला उमरिया से खनिज विषय पर डिप्लोमा करने निकला और उसके दिमाग में जल्द ही करोड़पति बनने का आइडिया आया। इसके बाद वह इंटरनेट पर ई-वॉलेट बनाने वाली सॉफ्टवेयर कंपनी सर्च कर ई-वॉलेट बनवाने इंदौर पहुँच गया, जहाँ उसने इंदौर के एक इंजीनियर से एम. टू. मनी वॉलेट नाम का वॉलेट डिजाइन करवाया। इस पर करीब दस लाख का खर्च आया और इस रकम का जुगाड़ सौरभ ने अपने दोस्तों को कारोबार में साझेदार बनाने का लालच देकर किया  और एम.टू. मनी नाम के वॉलेट को बनवाया।
 राज्य साइबर पुलिस जबलपुर द्वारा उसे पकडऩे में पुलिस अधीक्षक साइबर अंकित शुक्ला के निर्देशन में निरीक्षक विपिन ताम्रकार एवं उपनिरीक्षक हेमन्त पाठक, आरक्षक अजीत गौतम, आरक्षक शुभम सैनी एवं आरक्षक अमित गुप्ता  के द्वारा विशेष तकनीकी व फॉरेन्सिक एनालिसिस के आधार पर आरोपी सौरभ चौबे पिता जयशंकर चौबे उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। 
पाँच हजार यूजर्स जोड़े
 उसने अपने एम.टू. मनी वॉलेट को अत्यधिक लोकप्रिय बनाने के लिये एवं जल्दी अमीर बनने के उद्देश्य से लोगों को वॉलेट में डाले गये पैसों का एक प्रतिशत ब्याज प्रतिदिन देने का लालच दिया। वर्ष 2017 से शुरू हुई एम 2 मनी वॉलेट के यूजर्स लगभग 5 हजार हो चुके थे जिनमें अधिकतर कॉलेज के छात्र व युवा वर्ग था। 
यूजर्स के वॉलेट फ्रीज किए 
  एम.टू. मनी वॉलेट के सभी यूजर्स के द्वारा लगभग 80 लाख रुपये जमा होने पर वॉलेट के एडमिन व प्रोप्राइटर सौरभ ने सभी यूजर्स के वॉलेट फ्रीज कर उनका एक्सेस डिनॉय कर दिया जिससे यूजर्स अपना पैसा न निकाल सकें और वह पैसा सौरभ ने अपने व्यक्तिगत खाते मे ट्रांसफर कर लिया। वह अपने यूजर्स को लुभाने अपने खाते में 8 करोड़ 13 लाख डिपॉजिट होना बताता था। यह सारी रकम उसने इसी तरह से कमाई थी। 
मौज-मस्ती में उड़ाए पैसे- जाँच में पता चला है कि आरोपी सौरभ चौबे ने ई-वॉलेट के माध्यम से की गयी ठगी के  पैसे लग्जरी कार, हीरे की अँगूठी, सोने की चेन, लैपटॉप, महँगे सामान की खरीदी व विदेश यात्रा की अय्याशी में खर्च किया। उसने उमरिया के कई युवाओं एवं अपने ही दोस्तों से  पैसे लिये और करीब सात माह पहले वह फरार हो गया। उसके बाद पीडि़तों ने जिला उमरिया में कई शिकायतें दर्ज कराईं।
 

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