सुविधा : घर पर मिलेगा विद्यार्थियों को जाति वैधता प्रमाणपत्र, कार्यालय का चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर.  जाति वैधता प्रमाणपत्र को लेकर विद्यार्थियों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वज के दस्तावेज होने के बावजूद अनेक खामियां सामने आ रही हैं। इसके लिए उन्हें समाज कल्याण विभाग का बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। इन दिक्कतों को देखते हुए अब विद्यार्थियों को उनके घर तक जाति वैधता प्रमाणपत्र पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है।

कार्यालय आने की जरूरत नहीं : समाज कल्याण िवभाग के आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे ने कहा कि जाति वैधता प्रमाणपत्र को लेकर अनेक शिकायतें मिली हैं। इसकी सबसे ज्यादा जरूरत उच्च शिक्षा हासिल करने वाले खासकर एमबीबीएस या इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को पड़ती है। इन दिक्कतों से छुटकारा दिलाने के लिए अब विद्यार्थियों के जाति वैधता के आवेदन सीधे कॉलेज से जमा कराए जाएंगे। उन्हें कार्यालय में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कॉलेजों को साथ लेकर इस पर काम किया जाएगा। प्रमाणपत्र बनने के बाद उन्हें घर पहुंच सेवा दी जाएगी। अगर परिवार में किसी के पास वैधता प्रमाणपत्र है, तो उसी के आधार पर उसे भी वैधता मिलेगी। उसे अलग से साबित नहीं करना पड़ेगा। अगले 2 महीने में इस संबंध में एप भी लाया जाएगा। 

स्किल डेवलपमेंट सेंटर में बदलेंगे  आयुक्त डॉ. नारनवरे ने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए स्किल सेंटर और इंक्यूबेशन सेंटर तैयार करने की योजना है। अनुसूचित जाति के सभी छात्रावासों को स्किल डेवलपमेंट सेंटर में बदला जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग और स्किल डेवलपमेंट विभाग एक साथ काम करेंगे। नागपुर सहित अनेक जगह इसका सर्वे किया गया है। केंद्र सरकार से इसे मान्यता मिलती है, तो केंद्रीय पाठ्यक्रम भी यहां शुरू किए जाएंगे। 

1 प्रस्ताव पर 1 करोड़ : इंक्यूबेशन सेंटर के लिए नागपुर विद्यापीठ को 2 करोड़ मिले हैं। इसके अलावा उद्योग भी शुरू किए जाएंगे। 83 प्रस्ताव मंजूर किए गए थे। इस साल भी मंगाए गए हैं। 1 प्रस्ताव पर 1 करोड़ तक मंजूर करने की तैयारी है। कॉलेजों में इक्वल अपॉर्चुनिटी सेंटर भी शुरू होंगे। राज्य में 21 हजार कॉलेज हैं। विद्यार्थियों को दिक्कतें न हों, इसके लिए कॉलेज प्रशासन और वरिष्ठ विद्यार्थियों के सहयोग से काम करेंगे। 53 मैन्युअल तैयार किए गए हैं। जल्द इसका प्रकाशन होगा। इसमें समाज कल्याण विभाग की अपनी योनजाएं होंगी। योजनाओं क्रियान्वित करने रोडमैप होगा। 

प्रशिक्षित नहीं हैं कर्मचारी : नागपुर में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करने आयुक्त डॉ. नारनवरे पहुंचे थे। इस अवसर पर वे संवाददाताओं से बात कर रहे थे। डॉ. नारनवरे ने नागपुर में जाति वैधता मामलों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मामले लंबित हैं। रिकार्ड का रखरखाव ठीक नहीं है। दक्षता पथक को जिस तेजी से काम करना चाहिए, वह नहीं हो रहा है। कर्मचारियों की कमी की समस्या नहीं है। समस्या है कर्मचारियों का ठीक तरह से प्रशिक्षित और अनुशासित नहीं होना है।