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नए उद्योगों को बढ़ावा देने सरकार ने खोला मजदूरों के शोषण का रास्ता

नए उद्योगों को बढ़ावा देने सरकार ने खोला मजदूरों के शोषण का रास्ता

बालाघाट के एक मजदूर संघ की याचिका पर सरकार को जवाब के लिए मिला समय,अगली सुनवाई 17 को
 जबलपुर।
हाईकोर्ट ने सोमवार को उस मामले पर राज्य सरकार को जवाब पेश करने कहा है, जिसमें अगले तीन साल में देश में आने वाले नए उद्योगों को विभिन्न श्रम कानूनों से बाहर किए जाने को चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने सरकार को जवाब के लिए 15 जून तक का समय देकर अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की है।
मोईल जनशक्ति मजदूर संघ बालाघाट के अध्यक्ष रामकृपाल खुरशील की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने अगले तीन सालों में राज्य में आने वाले नए उद्योगों को लेकर विगत 6 मई को श्रम कानूनों में कई संशोधन किए हैं। याचिका में आरोप है कि इन संशोधनों के जरिए मजदूरों के हितों से संबंधित कानूनों से उन उद्योगों को कई छूट दे दी हैं। आरोप है कि अब नए उद्योगों में काम करने वाले मजूदरों के शोषण के रास्ते इस संशोधन के जरिए खुल जाएंगे। याचिका में मप्र सरकार के मुख्य सचिव और श्रम मंत्रालय विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाया गया है। मामले पर सोमवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ व अधिवक्ता जुबिन प्रसाद और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा।


 

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