दैनिक भास्कर हिंदी: यूपी के बीजेपी नेता ने किया सनसनीखेज खुलासा, योगी सरकार पर लगाए बड़े इल्जाम

June 28th, 2021

हाईलाइट

  • उप्र के बीजेपी नेता का बड़ा खुलासा
  • खुलासे से चौंकी बीजेपी, जवाब देना हुआ मुश्किल!
  • सिंह से पहले भी नाराजगी जता चुके हैं कुछ विधायक

डिजिटल डेस्क, बलिया। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ही राज्य में अपनी ही पार्टी के नेताओं से घिरते चले जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और इधर उनके ही नेता उन्हें घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हाल ही में उत्तरप्रदेश से पूर्व विधायक रहे राम इकबाल सिंह ने ऐसा दावा किया है जिसे सुनकर पूरी बीजेपी चौंक गई है। राम इकबाल सिंह ने ये दावा किया है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हर गांव में कम से कम दस लोगों की मौत हुई है। इसका कारण बताते हुए राम इकबाल सिंह ने कहा कि पहली लहर से सबक न लेने के कारण ऐसा हुआ। बलिया जिले में रिपोर्टरों से बात करते हुए सिंह ने ये दावा किया। माना जा रहा है कि सिंह के इस बयान से बीजेपी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं या कम से कम असहज स्थिति तो पैदा हो ही सकती है। 
सिंह ने इस मामले में हर पीड़ित परिवार को दस लाख रूपए की सहायता देने की मांग भी की है। सिर्फ इतना ही नहीं पूर्व विधायक स्वास्थ व्यवस्थाओं से पूरी तरह नाराज भी नजर आए। उन्होंने कहा कि बलिया में स्वास्थ से जुड़ी सारी व्यवस्थाएं खराब पड़ी हैं। 34 लाख की आबादी वाले बलिया जिले में सरकारी डॉक्टर और दवाएं न के बराबर हैं।

योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सिंह से ये सवाल भी हुआ कि वो इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को किस हद तक जिम्मेदार मानते हैं। इसके जवाब में सिंह ने कहा कि योगी सरकार को गुमराह किया जा रहा है। योगी सरकार के मातहत आने वाले अधिकारी ही उन्हें सच्चाई नहीं दिखा रहे हैं। इस मौके पर सिंह ने सरकार से डीजल पर किसानों को सब्सिडी देने की मांग भी की। सिंह ने ये साफ कहा कि वो बीजेपी सरकार को सचेत करने के लिए ये बयान दे रहे हैं ताकि उत्तरप्रदेश के अगले आने वाले चुनाव में बीजेपी को इसका नुकसान न भुगतना पड़े। 

और भी विधायक जता चुके हैं नाराजगी
कोरोना काल के दौरान प्रदेश के हालात पर नाराजगी जताने वाले सिंह अकेले नहीं हैं। योगी सरकार के कुछ विधायक ही इस मामले में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इससे पहले सीतापुर से बीजेपी विधायक राकेश राठौर ये तक कह चुके हैं कि विधायकों की कोई हैसियत नहीं रह गई। उन्होंने अगर ज्यादा बोला तो हो सकता है उन पर ही देशद्रोह का मामला दर्ज हो जाए। 
विधायकों के अलावा केंद्रीय मंत्री भी योगी सरकार से नाराजगी जता चुके हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने सीएम योगी को पत्र लिखा था और ये आरोप लगाया था कि अधिकारी फोन नहीं उठाते। रिफर करने के नाम पर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों से लौटाने का कम हो रहा है। ऐसी नाराजगी जताने वाले मंत्री और विधायकों की फेहरिस्त काफी लंबी है।