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हौसलों की उड़ान : क्राउड फंडिग की मदद से एसिड हमलों के शिकार हुए लोगों ने खोला सुपरमार्केट

हौसलों की उड़ान : क्राउड फंडिग की मदद से एसिड हमलों के शिकार हुए लोगों ने खोला सुपरमार्केट

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महानगर के बांद्रा इलाके में एक ऐसा सुपरमार्केट खुला है, जिसमें काम करने वाले सभी लोग एसिड हमलों के शिकार हुए हैं। खुद एसिड हमले की शिकार हो रहीं दौलत बी खान ने अपने एनजीओ एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन की मदद से सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों से आर्थिक मदद ली, जिससे यह सुपरमार्केट खोला गया है। भाजपा नेता चित्रा वाघ ने शनिवार को इसका उद्घाटन किया। खान ने बताया कि सुपरमार्केट खोलने के दो मकसद हैं। एसिड हमलों के शिकार हुए लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही, समाज में इनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। मौजूदा समय में एसिड हमलों के शिकार हुए लोग अपना चेहरा खराब होने के चलते सामान्य जिंदगी नहीं जी पाते। सार्वजनिक जगहों पर आम लोग भी अचानक उन्हें देखकर सामान्य व्यवहार नहीं कर पाते। लेकिन अगर इस तरह लोग रोजाना अपने आसपास इन चेहरों को देखेंगे, तो उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान हमने देखा कि सिर्फ दवा और ग्रोसरी की दुकानें ऐसी थी, जो चल रहीं थीं, इसलिए हमने ग्रोसरी से शुरूआत की है। संक्रमण के दौरान फिलहाल इस सुपरमार्केट में एसिड हमलों की शिकार हुई तीन महिलाएं और एक पुरूष काम कर रहे हैं।

बुलंद हौसलों से तकदीर बदलने की कोशिश

साहस फाउंडेशन फिलहाल 100 एसिड हमले का शिकार हुए लोगों की मदद कर रहा है। लेकिन खान चाहती हैं कि इसका दायरा बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमने किराए की जगह पर मिनी सुपरमार्केट खोला है। लेकिन मैं चाहती हूं कि हम एक ऐसा मॉल खोलें, जहां सिर्फ एसिड हमलों के शिकार हुए लोग काम करें। इसके अलावा एसिड हमलों के शिकार हुए लोगों को अक्सर कई शारीरिक परेशानियों, ऑपरेशन से गुजरना पड़ता है, इसलिए उनके लिए अलग अस्पताल भी खोलने की इच्छा है। एसिड हमलों के शिकार हुए लोगों को स्वस्थ रखने के लिए खान योग सेंटर भी खोलना चाहतीं हैं। फिलहाल एक छोटी सी शुरूआत हुई है। खान ने कहा कि अभी सारे काम करने के लिए पैसे तो नहीं है, लेकिन साहस है और उम्मीद है कि लोगों की मदद और एसिड हमलों के पीड़ितों की मदद से वे इसे पूरा कर लेंगी। 
 

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