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जबलपुर की बेकरी में बच्चों से कराया जाता था काम, एक बच्चे ने कहा- देते थे नशे की गोलियां

जबलपुर की बेकरी में बच्चों से कराया जाता था काम, एक बच्चे ने कहा- देते थे नशे की गोलियां

भोपाल बाल कल्याण समिति के निर्देश पर स्थानीय चाइल्ड लाइन व पुलिस ने रेस्क्यू किए 17 बच्चे
डिजिटल डेस्क  जबलपुर/भोपाल । 
गोराबाजार थाना क्षेत्र स्थित तिलहरी में संचालित द ओवन क्लासिक बेकरी में नाबालिग बच्चों (16 से 17 वर्ष) से बालश्रम कराए जाने की सूचना पर श्रम विभाग, महिला बाल विकास विभाग व पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू किया गया। कार्रवाई के दौरान वहाँ पर 17 बच्चे मजदूरी करते हुए बरामद किए गये। इन बच्चों मंे एक बिहार, एक पश्चिम बंगाल व बाकी बच्चे आसपास के जिलों के निवासी होना बताया जा रहा है। इन सभी बच्चों को 
गोकलपुर स्थित बाल आश्रय गृह भेजा गया है।  इस मामले में श्रम निरीक्षक सौरव शेखर की रिपोर्ट पर बेकरी संचालक तुषार गोखलानी, मैनेजर रंजीत किरार के खिलाफ बालश्रम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग के राकेश यादव, चाइल्ड लाइन के अखिलेश चौकसे, इंदरलाल मरावी आदि मौजूद थे।
24 घंटे होता था काम 
बच्चों ने बताया कि बेकरी में बिस्किट, टोस्ट, केक, क्रीम रोल आदि बनाने का कार्य होता था और यहाँ 24 घंटे कार्य होता था और एक बड़े हाॅल में करीब 36 लोग रहते थे। आधे रात की शिफ्ट मंे काम करते थे। वहाँ काम करने वाले बच्चों को 35 सौ रुपये प्रतिमाह पगार दी जाती थी। 

ऐसे मिला था बच्चों से काम कराने का सुराग
भोपाल रेलवे चाइल्ड लाइन ने बुधवार की सुबह रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में एक बच्चे को घूमते देखा। उसे अभिरक्षा में बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समिति के सदस्यों ने उसकी काउंसलिंग की। इस दौरान उसने बताया कि वह जबलपुर में एक बेकरी में काम करता था। वहां उसके साथ मारपीट होती थी। इसकी वजह से वह मौका देखकर भाग कर यहां आ गया। उसने बताया कि बेकरी में उसकी उम्र के 17 बच्चे और रहते हैं। मालिक सबको नशे की गोलियां देकर उनसे शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक केक और बिस्किट पैक कराता है।

इनका कहना है

 एक बच्चा जबलपुर से भाग कर आया था। मामले में उसकी काउंसलिंग की गई। उसने बताया कि वह बेकरी में काम करता था। मालिक नशे की गोलियां देकर बच्चों से काम कराता था और मारपीट करता था। मामले जबलपुर चाइल्ड लाइन, महिला एवं बाल विकास और पुलिस को सूचित किया जहां से 17 बच्चे रेस्क्यू किए गए।
- राजीव जैन, सदस्य बाल कल्याण समिति भोपाल
 

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