रीवा न्यूज: पैसे के लेनदेन का आरोप, कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं हो पाई पर्यवेक्षक की जांच

पैसे के लेनदेन का आरोप, कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं हो पाई पर्यवेक्षक की जांच
परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना हनुमना ने अपने आदेश में उन्हें भारमुक्त भी कर दिया है।

डिजिटल डेस्क रीवा।जिला महिला बाल विकास विभाग परियोजना हनुमना अन्तर्गत सेक्टर पटेहरा में पदस्थ जिला पर्यवेक्षक के विरुद्ध लगे पैसे के लेनदेन के आरोपों की जांच कलेक्टर के आदेश के बावजूद एक माह बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। कलेक्टर के आदेश पर गठित कमेटी की ओर से जांच पूरी न होने के चलते मामला अधर में लटका हुआ है। अभी तक कमेटी को लिखित जानकारी उपलब्ध न हो पाना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। इस संबंध में बताया गया है कि पर्यवेक्षक विमला सिंह पर अनावश्यक रूप से प्रति केंद्र 6 हजार रुपए, कार्यकर्ता से 4 हजार रुपए एवं सहायिका से 2 हजार रुपए के साथ-साथ स्वसहायता समूह से 35 प्रतिशत की राशि मांगे जाने का आरोप लगाया गया है। यह भी आरोप लगाया गया था कि इनके द्वारा अपशब्दों का उपयोग किया जाता है। कलेक्टर मऊगंज ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पर्यवेक्षक विमला सिंह को सेक्टर पटेहरा के प्रभार से मुक्त करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मऊगंज में पदस्थापना का आदेश विगत 13 अगस्त को जारी किया था। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना हनुमना ने अपने आदेश में उन्हें भारमुक्त भी कर दिया है।

बनाई गई थी दो सदस्यीय कमेटी

कलेक्टर मऊगंज ने महिला पर्यवेक्षक पर लगे आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसमें अजीत मिश्रा डिप्टी कलेक्टर अध्यक्ष तथा निर्मला शर्मा परियोजना अधिकारी को समन्वयक बनाया गया था। समिति को शिकायत की जांच करके 7 दिवस के अंदर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था, लेकिन बताया गया है कि एक माह बाद भी अभी तक कमेटी की ओर से कलेक्टर को प्रतिवेदन नहीं सौंपा जा सका है। ऐसा माना जा रहा है कि कमेटी के पदाधिकारियों को लिखित रूप में कोई आदेश नहीं दिया गया है। इसी के चलते यह पूरा मामला अधर में लटका हुआ है।


Created On :   22 Sept 2026 6:25 PM IST

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