रीवा न्यूज: करोड़ों का ओवरब्रिज, एक साल में सड़कें बेहाल!

करोड़ों का ओवरब्रिज, एक साल में सड़कें बेहाल!
मनगवां NH-30 पर सिक्सलेन की सच्चाई: जगह-जगह खाईनुमा गड्ढे, डायवर्सन-पार्किंग रोड बनी मुसीबत; हादसों के बीच नागरिकों का ऐलान—सड़क नहीं बनी तो धरना और भूख हड़ताल

डिजिटल डेस्क रीवा मनगवां। करोड़ों रुपये की लागत से नेशनल हाईवे-30 पर मनगवां में बनाए गए सिक्सलेन ओवरब्रिज और उससे जुड़े सड़क मार्ग की मौजूदा स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिस ओवरब्रिज को क्षेत्र के यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया गया था, उसके निर्माण के करीब एक वर्ष के भीतर ही सड़क के कई हिस्से गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। रीवा की ओर से ओवरब्रिज पर चढ़ने वाले मार्ग से लेकर प्रयागराज-बनारस की ओर उतरने वाले हिस्से तक सड़क क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है। डायवर्सन और पार्किंग रोड की हालत तो इससे भी ज्यादा खराब बताई जा रही है।

करोड़ों की लागत, एक साल में सवालों के घेरे में निर्माण

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने, बड़े गड्ढे बनने और मार्ग के क्षतिग्रस्त होने को लेकर अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि मौजूदा हालात की निष्पक्ष जांच कराई जाना जरूरी है। सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद सड़क इतनी जल्दी खराब क्यों हुई?

ओवरब्रिज पर सफर या गड्ढों के बीच जोखिम?

रीवा की तरफ से ओवरब्रिज पर चढ़ते समय और दूसरी ओर उतरते ही वाहन चालकों को जगह-जगह क्षतिग्रस्त सड़क का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बने गड्ढे इतने बड़े हैं कि वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने की स्थिति बनती है।

रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाले गड्ढे दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है।

डायवर्सन रोड पर गड्ढे, पत्थर और मिट्टी के ढेर

डायवर्सन और पार्किंग रोड की बदहाली ने समस्या को और गंभीर कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्सों पर मिट्टी मिश्रित पत्थर और गिट्टी डालकर अस्थायी सुधार की कोशिश की गई, लेकिन इससे समस्या कम होने के बजाय कई जगह और बढ़ गई।

सड़क किनारे पड़े पत्थर और मिट्टी के ढेर यातायात में बाधा बन रहे हैं। भारी वाहनों के पहिए फंसने और जाम की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वाहनों को निकालने के लिए क्रेन तक बुलानी पड़ी।

सड़क के गड्ढे बने हादसों का खतरा

नागरिकों का दावा है कि खराब सड़क के कारण लगातार छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई लोग घायल हुए हैं और कुछ दुर्घटनाओं में मौत की बात भी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे के बाद प्रशासन जागेगा और तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।

एंबुलेंस भी फंसी तो किसकी होगी जिम्मेदारी?

मनगवां क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नागरिकों का कहना है कि खराब सड़क और जाम के कारण एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

लोगों का सीधा सवाल है—यदि किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस गड्ढों या जाम में फंस जाती है और इलाज में देरी होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

निर्माण की गुणवत्ता पर तकनीकी जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों ने सड़क और ओवरब्रिज की तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी-पत्थर डालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

जांच में सड़क की मोटाई, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री, बेस और सब-बेस की गुणवत्ता, डामरीकरण, जल निकासी व्यवस्था, निर्माण अवधि के गुणवत्ता परीक्षण और ठेका शर्तों का परीक्षण किया जाना चाहिए।


Created On :   20 Sept 2026 3:54 PM IST

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