Rewa news: बोदाबाग के भक्तों की पूंजी है श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर

डिजिटल न्यूज़ रीवा
दीपावली त्यौहार पर माता महालक्ष्मी की पूजा अर्चना हमारी पारंपरिक भक्ति भाव की प्रतीक है। इस दिन भक्तजन माता महालक्ष्मी की पूजा अर्चना करके अपने सुख समृद्धि की कामना करते हैं। यही लोगों की सबसे बड़ी पूंजी होती है। शहर के बोदाबाग नीम चौराहा स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर भी क्षेत्र के लोगों की सबसे बड़ी पूंजी मानी जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब से यहां श्री लक्ष्मी नारायण का मंदिर बना तब से लोगों में काफी सुख समृद्धि आई है। इसीलिए आज भी यहां के लोगों के लिए यह मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है।
बजरंगबली की प्रेरणा से बना मंदिर
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी रामलाल शास्त्री हैं। उन्होंने बताया कि इस मंदिर की स्थापना करीब 21 वर्ष पूर्व कराई गई थी। उनके पिताजी तिरुपति बालाजी में रहते थे। उनकी इच्छा भगवान का मंदिर बनवाने की थी। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के पहले हनुमान जी का मंदिर बनवाया गया था ।उन्हीं की प्रेरणा से इस मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ। अब यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर नारियल बांधते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती है।
उड़ीसा से लाई गई थी मूर्तियां
पुजारी रामलाल शास्त्री बताते हैं कि यहां स्थापित श्री लक्ष्मी नारायण की मूर्ति उड़ीसा से लाई गई थी मूर्तियां काले पत्थरों की बनी है जो करीब 6 फीट ऊंची है। आंखें सोने की तथा मुकुट चांदी के हैं। जबकि आभूषण कृतिम है। दीपावली पर यहां विशेष पूजा अर्चना होती है। दीपोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा वर्ष में दो बार नवरात्रि का पर्व भी पूरे भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। जिसमें सैकड़ो की संख्या में क्षेत्र के भक्तजन शामिल होते हैं। क्योंकि यह मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ी पूंजी है इसी के सहारे लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
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