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शहडोल न्यूज: 3 नर्स के भरोसे 30 बिस्तर का अस्पताल

डिजिटल डेस्क शहडोल ग्रामीण अंचल में दम तोड़ती स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा उदाहरण शहडोल जिले के झींकबिजुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में देखा जा सकता है। जानकर ताज्जुब होगा कि 30 बिस्तर का यह अस्पताल सिर्फ 3 नर्स के भरोसे चल रहा है। ये नर्स हैं देववती कोल, रिंकी चौधरी और रुकमणि पारधी। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे झींकबिजुरी सीएचसी में बांड के डॉक्टर प्रवीण कुमार सिंह अप्रैल माह में अस्पताल छोडक़र गए तो 5 माह से एक भी डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में आसपास के 40 से ज्यादा गांव निर्भर हैं और प्रतिदिन की ओपीडी का औसत 60 मरीज है। दैनिक भास्कर ने शनिवार को झींकबिजुरी अस्पताल का हाल जाना तो दोपहर करीब 1.30 बजे नर्स रुकमणि पारधी अस्पताल में भर्ती मरीज को इंजेक्शन लगा रहीं थीं। एक अन्य नर्स ने मरीजों को दवा वितरण का काम संभाल रखा था। दवा वितरण का काम भी नर्स को ही इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि यहां फार्मसिस्ट और ड्रेसर भी नहीं हैं। एंबुलेंस की सुविधा बड़ी चुनौती- शहडोल जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूर झींकबिजुरी सीएचसी में इलाज के लिए पहुंचे किसी मरीज को इमरजेंसी में 108 एंबुलेंस से शहडोल भेजना पड़ जाए तो यह किसी चुनौती से कम नहीं है। अस्पताल के स्टॉफ भी बताते हैं कि 108 एंबुलेंस के ड्राइवर तमाम तरह के बहाने बनाते हैं। कभी दूरी ज्यादा तो कभी आक्सीजन नहीं होने का। ऐसे में मरीजों को परिवार एंबुलेंस की मदद से भिजवाया जाता है। भर्ती मरीजों का इलाज भी नर्सों के भरोसे- शनिवार को अस्पताल में तीन मरीज भर्ती रहे। इनमें खम्हरिया के गंगाराम सिंह (30) को बुखार, दर्शिला के रामरहीस जायसवाल (25) व खरतोर के मालती सिंह (22) शामिल हैं। इन भर्ती मरीजों का इलाज भी यहां नर्स के भरोसे ही चल रहा है। अधिकारी बेपरवाह, मरीज हो रहे परेशान परेशान- 5 माह से एक भी डॉक्टर नहीं होने के बाद सवाल यह उठ रहा है कि सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने समय रहते इंतजाम क्यों नहीं किया। उन्होंने बताया कि बांड के दो डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है। सोमवार से अस्पताल में ज्वाइनिंग देंगे। - अस्पताल से 10 किलोमीटर दूर ग्राम छतई से दस माह की बिटिया मीनाक्षी इलाज के लिए लेकर पहुंची पुष्प सिंह ने बताया कि डॉक्टर नहीं मिले तो नर्स ने बेटी को देखकर दवा दी। - 12 किलोमीटर दूर ग्राम कोलमी से पहुंची तुलसी बाई ने बताया कि डेढ़ साल के बालक अभय कमजोर है। पिछले सोमवार और उससे पहले मिलाकर आज तीन बार अस्पताल आ चुके हैं पर डॉक्टर नहीं मिले। - 15 किलोमीटर दूर ग्राम खम्हरिया से अस्पताल पहुंचे 55 साल के कृष्णपाल सिंह ने बताया कि उन्हे कई दिनों से बुखार है। अस्पताल में आने पर डॉक्टर नहीं मिलते हैं, इसलिए नर्स को दिखाकर दवा लेकर अब वापस घर जाने बस का इंतजार करेंगे। > केशवाही के भाजपा मंडल अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा मो. अजहरउद्दीन ने लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Created On :   6 Sept 2026 2:24 PM IST
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