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शहडोल न्यूज: मां की पीठ पर रोज स्कूल पहुंचता है दिव्यांग बेटा

डिजिटल डेस्क शहडोल जिले के झींंक बिजुरी गांव दरशिला निवासी 12 वीं का छात्र राजकुमार जायसवाल शारीरिक परेशानी के कारण ठीक से चल-फिर नहीं सकता। उसकी मां फूल कुमारी रोज उसे अपनी पीठ पर बैठाकर करीब 10 किलोमीटर दूर स्कूल ले जाती हैं और वापस घर लाती हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झींक बिजुरी में पढ़ाई कर रहा है। आने-जाने में प्रतिदिन करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। बस से आने-जाने में करीब 50 रुपए रोज खर्च होते हैं। घर में मां और बेटे के अलावा कोई नहीं है, ऐसे में बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी मां के ही कंधों पर है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उसकी मां ने उसकी पढ़ाई नहीं रुकने दी। कभी उसे पीठ पर बैठाकर तो कभी सहारा देकर वह स्कूल तक पहुंचाती हैं। दो साल से वह इसी तरह बेटे को स्कूल पहुंचा रही हैं। बेटे के साथ स्कूल के समय तक उन्हें वहीं रुकना पड़ता है, जिससे मजदूरी करने का समय भी कम मिल पाता है और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इलेक्ट्रिक साइकिल का इंतजार- इलेक्ट्रिक साइकिल की सहायता के लिए मंत्री दिलीप जायसवाल को आवेदन दिया था। आवेदन कलेक्टर कार्यालय में भी जमा कराया गया, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी उसे साइकिल नहीं मिली। दरशिला पंचायत सचिव गंगा राम ने बताया कि बुढ़ार में अधिकारियों से मिलकर परिवार की सहायता की बात रखी, लेकिन वहां से जवाब मिलता है कि बच्चा अभी 18 वर्ष का नहीं हुआ है, इसलिए उसे स्कूटी नहीं मिल सकती। सामाजिक न्याय विभाग की जिला अधिकारी प्रज्ञा मरावी ने बताया कि यदि हितग्राही आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचता है तो दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पात्रता के अनुसार शासन की संबंधित योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
Created On :   8 Sept 2026 1:31 PM IST
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