Shahdol news: पूर्वी मध्यप्रदेश : विकास परियोजनाओं की धीमी गति बड़ा मुद्दा

पूर्वी मध्यप्रदेश : विकास परियोजनाओं की धीमी गति बड़ा मुद्दा

डिजिटल न्यूज़ शहडोल

मध्यप्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में शहडोल जैसे संभाग मुख्यालय में सडक़, स्वास्थ्य सुविधाएं, रेल कनेक्टिविटी और सिंचाई से लेकर औद्योगिक विकास की धीमी गति की चर्चा अब लोगों के बीच है। शहर के साथ ही जिले के सभ्रांत नागरिकों का भी मानना है कि पूर्वी मध्यप्रदेश में विकास के सपने तो दिखाए जा रहे हैं, लेकिन क्रियान्वयन की गति इतनी धीमी है कि लोग उम्मीद ही हार बैठते हैं। जरूरी है इस दिशा में ध्यान दिया जाए। पूर्वी मध्यप्रदेश की उपेक्षा का मुद्दा राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा भी उठा चुके हैं। उनका मानना है कि मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग नहीं हुआ था तब वहां के लोगों को भी ऐसा ही लगता था, जैसे आज पूर्वी मध्यप्रदेश के लोगों को लगता है। पूर्वी मध्यप्रदेश का जबलपुर बड़ा शहर है पर ऐसा लगता है कि आने वाले समय में उज्जैन आगे निकल जाएगा। क्या यह ठीक है कि जहां की लीडरशिप होगी तरक्की वहीं होगी। छोटी-छोटी समस्याएं भी बड़ी बन जाती है पूर्वी मध्यप्रदेश के शहरों की उपेक्षा का आलम शहडोल से ही लगाया जा सकता है। रेल कनेक्टिविटी में मुंबई व चेन्नई जैसे शहरों को जोडऩे जैसी छोटी-छोटी मांग भी कई वर्षों के बाद भी पूरी नहीं होती है। सडक़ और एयरपोर्ट की मांग का भी यही हाल है। सुभाष गुप्ता पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष योजनाओं में तेजी लाने ध्यान देना जरुरी सरकारी योजनाओं के काम तो सब जगह पर हो रहे हैं। गति को लेकर कह सकते हैं कि इस दिशा में और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। रिमोट एरिया में काम कैसे होना चाहिए, इस पर विचार करना होगा।

शालिनी सरावगी प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा-

शहडोल की बात उपर तक पहुंचनी चाहिए पूर्वी मध्यप्रदेश की आवाज अब प्रमुखता से उपर तक जानी चाहिए। इनपुट ही सही नहीं जाएगा तो उपेक्षा का दंश तो झेलना ही पड़ेगा।

शशांक सिंह अध्यक्ष शहडोल ऑटोमोबाइल संघ-

ट्राइबल क्षेत्र होने के बाद किसान और जनजातीय समाज के विकास के दावे तो हो रहे हैं पर उनकी क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए ग्राउंड लेबल में क्या ईमानदारी से काम हो पा रहा है।

Created On :   14 Oct 2026 3:01 PM IST

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