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शहडोल न्यूज: 3 वर्ष से अधिक समय से डटे अधीक्षकों की जगह नई पदस्थापना आदेश पर 2 माह में अमल नहीं

डिजिटल डेस्क शहडोल जिले में संचालित कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) सेकेंड्री एजुकेशन छात्रावासों में नियम विरूद्ध जमे अधीक्षकों की जगह नई पदस्थापना के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी डीइओ शहडोल अतुल चौधरी ने समग्र शिक्षा सेंकेडरी एजुकेशन के सहायक समन्वयक जेंडर भोपाल शालिनी गर्ग का आदेश ही दरकिनार कर दिया। भोपाल से 10 जुलाई को जारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केजीबीवी छात्रावासों में 3 वर्ष पूर्ण कर चुकीं अधीक्षिका को बदलने की प्रक्रिया पूर्ण करें। जानकर ताज्जुब होगा कि इस आदेश पर अमल करना तो दूर प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की गई तो इस पूरे मामले को हास्टल में जमे अधीक्षिकाओं के प्रभाव से जोडक़र देखा जा रहा है। जिले में संचालित 6 केजीबीवी छात्रावासों में 5 ऐसे छात्रावास हैं, जहां अधीक्षक तय अवधि यानी 3 वर्ष से अधिक समय से जमे हैं। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चौधरी से प्रतिक्रिया लेने उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। मैसेज व व्हाट्सएप का भी जवाब नहीं मिला। कहीं 7 तो कहीं 9 वर्ष से जमे अधीक्षक कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय छात्रावास सोहागपुर में सुधा पटेल 9 दिसंबर 2022 से हैं, यानी तीन वर्ष की अवधि दिसंबर 2025 में ही पूरी हो गई। इसी प्रकार बुढ़ार में अधीक्षिका मीला मार्को 14 जुलाई 2017 से यानी 9 साल से, खन्नौधी में नीता सोनवानी 12 दिसंबर 2022 से, बनसुकली जयसिंहनगर में सरोज नामदेव 6 दिसंबर 2022 से और मउ ब्योहारी में शांती सिंह 7 वर्ष से ज्यादा से पदस्थ हैं। 100 से ज्यादा बालिकाएं, करोड़ों में बिल हास्टल से जुड़े सूत्र बताते हैं कि छात्रावासों में 100 से ज्यादा बालिका रहकर पढ़ाई करती हैं। कई छात्रावास ऐसे हैं, जहां किराना का बिल ही 5 वर्ष में करोड़ों रूपए को पार कर गया है। आरोप यह है कि सामग्री खरीदी के दौरान भी पारदर्शिता का पालन नहीं हो रहा है। एक ही किराना दुकान से कई वर्षों से खरीदी हो रही है। टेंडर निकाले बिना।
Created On :   14 Oct 2026 5:37 PM IST
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