सावन का पहले दिन झमाझम: मानसून की पहली जोरदार बरसात ने वाशिम को किया तरबतर, अनेक गांवों का सड़क संपर्क घंटों टूटा रहा

मानसून की पहली जोरदार बरसात ने वाशिम को किया तरबतर, अनेक गांवों का सड़क संपर्क घंटों टूटा रहा
  • सावन के पहले दिन रातभर जिलेभर में झमाझम बारिश
  • नदी-नाले उफान पर जोरदार बरसात ने वाशिम को किया तरबतर
  • जिलेभर में येलो अलर्ट, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

Washim News. इस मानसून में सावन के पहले दिन ही गुरुवार, 30 जुलाई की रात जिलेभर में पहली बार जोरदार बारिश हुई। इसके कारण जिले से बहने वाले अनेक छोटे-बड़े नदी-नालों में बाढ़ आ गई। कई स्थानों पर पुल क्षतिग्रस्त होने और पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से कई घंटों तक सड़क संपर्क टूटा रहा।

पहली जोरदार बारिश ने जहां खेत-खलिहानों में खड़ी खरीफ फसलों को नया जीवनदान दिया, वहीं देर से ही सही, आमजन के लिए भी राहत लेकर आई। गुरुवार शाम से शुरू हुई बरसात शुक्रवार तड़के तक कभी तेज तो कभी बौछारों के रूप में जारी रही। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के सभी तहसील मुख्यालयों की निचली बस्तियों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्कता बरतने तथा नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की है।

उल्लेखनीय है कि इस मानसून में जिला मुख्यालय पहली बार गुरुवार शाम से शुक्रवार तड़के तक हुई बारिश से पूरी तरह तरबतर हो गया। वैसे तो पिछले सप्ताहभर से जिले में मानसून के बादल आसमान में कमोबेश हर दिन छाए रहे, लेकिन रिमझिम बरसकर निकल जाते थे, जिससे आमजन पेयजल को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे। हालांकि, देरी से ही सही, सावन के पहले दिन मानसून सक्रिय हो गया। यदि मानसून इसी तरह सक्रिय रहा, तो नागरिकों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

गुरुवार रातभर लगातार कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होने से मालेगांव तहसील में ग्राम मानका के पास नाले के पुल का कुछ हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया, जिससे यह पुल रात से बंद है। इसी प्रकार मंगरूलपीर तहसील में पारडी तीखे से आसेगांव मार्ग के पुल का भी कुछ हिस्सा तेज बहाव में बह गया, जिससे इस मार्ग पर भी आवागमन बंद हो गया है। ग्राम वाघुल-हिवरा तथा बोरवा-रोहाना के बीच भी पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात बंद कर दिया गया है।

उधर, ग्राम कोकलगांव-सूरजखेड़, जामखेड़, खड़की ढंगारे, रिठद, गोभणी-करडा आदि गांवों का भी आसपास के नदी-नालों में बाढ़ आने तथा पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण सड़क संपर्क घंटों तक बाधित रहा।

गुरुवार रातभर जमकर बारिश होने के बाद शुक्रवार सुबह बारिश थम गई और दोपहर होते-होते सूरज निकल आया, जिससे आमजन के साथ ही किसानों ने भी राहत की सांस ली। हालांकि शाम होते-होते आसमान में फिर काले-काले बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया।

उधर, मौसम विभाग ने जिलेभर में येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सतर्कता बरतने और नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की है। विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे वाशिम जिले में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे (शुक्रवार सुबह 8 बजे तक) में जिलेभर में कुल 656.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें वाशिम तहसील में 121.2 मिमी, रिसोड़ में 94.4 मिमी, मालेगांव में 161.5 मिमी, मंगरूलपीर में 86.6 मिमी, मानोरा में 116.3 मिमी तथा कारंजा तहसील में 76.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

इसी प्रकार इस मानसून में 7 जून से 31 जुलाई सुबह 8 बजे तक जिलेभर में कुल 1668.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें वाशिम तहसील में 281.9 मिमी, रिसोड़ में 252.0 मिमी, मालेगांव में 329.9 मिमी, मंगरूलपीर में 243.5 मिमी, मानोरा में 331.5 मिमी तथा कारंजा तहसील में 229.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

Created On :   31 July 2026 9:45 PM IST

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