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IPL-13: दूसरे डबल हेडर के दूसरे मैच में आज पंजाब-चेन्नई के बीच होगी भिड़ंत, दोनों टीम के लिए एक हार मुश्किल बढ़ा देगी

IPL-13: दूसरे डबल हेडर के दूसरे मैच में आज पंजाब-चेन्नई के बीच होगी भिड़ंत, दोनों टीम के लिए एक हार मुश्किल बढ़ा देगी

हाईलाइट

  • दूसरे डबल हेडर के दूसरे मैच में आज पंजाब-चेन्नई के बीच होगी भिड़ंत
  • मैच का प्रसारण भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से, टॉस 7 बजे होगा

डिजिटल डेस्क, दुबई। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन के दूसरे डबल हेडर (एक दिन में 2 मैच) का दूसरा और लीग का 18वां मैच आज किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच का प्रसारण भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से होगा। पंजाब और चेन्नई का लीग स्टेज में अब तक प्रदर्शन एक जैसा रहा है। दोनों टीमों को पिछले 4 मैचों में सिर्फ 1-1 जीत मिली है और 3-3 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। प्वाइंट्स टेबल की बात करें तो पंजबा 2 अकों के साथ 7वें और चेन्नई भी इतने ही अंकों के साथ सबसे आखिरी 8वें नंबर पर है। अब दोनों टीमें आज का मैच जीतकर लीग में वापसी करना चाहेंगी। 

बल्लेबाजी से लेकर फील्डिंग तक चेन्नई अब तक फ्लॉप
बता दें कि, 2014 के बाद से यह पहली बार हुआ है कि करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार तीन हार झेलनी पड़ी है। बल्लेबाजी से लेकर फील्डिंग, गेंदबाजी सभी में चेन्नई ने अच्छा नहीं किया है। बल्लेबाजी में सिर्फ फाफ डु प्लेसिस चले हैं लेकिन पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वो भी विफल हो गए थे। रवींद्र जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी ने हाथ जरूर खोले थे। जडेजा ने आईपीएल में अपना पहला अर्धशतक भी जड़ा था लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। धोनी ने पूरा दम लगा दिया थी और आखिरी के ओवरों में उनके चेहरे पर थकान भी देखी जा सकती थी। धोनी इस मैच में ऊपर बल्लेबाजी करने आए थे और अगर यही करते हैं आने वाले मैच मे तो चेन्नई के लिए यह अच्छा होगा।

वाटसन का फॉर्म में न होना चेन्नई टीम के लिए अच्छे संकेत नहीं
अंबाती रायडू ने दो मैचों के बाद वापसी की थी लेकिन बल्ला नहीं चला पाए थे। वो शेन वाटसन के साथ पारी की शुरुआत करने आए थे। रायडू हालांकि वो बल्लेबाज हैं जो फॉर्म में हैं। सीजन के पहले मैच में उन्होंने अर्धशतक जमाया था। वाटसन का फॉर्म में न होना टीम के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। बल्लेबाजी की समस्या यही है कि फाफ को छोड़कर कोई और बल्लेबाज ऐसा नहीं है जो फॉर्म में हो। गेंदबाजी में टीम ने बदलाव किया था और शार्दूल ठाकुर को मौका दिया था जिनका प्रदर्शन औसत रहा था। दीपक चहर, सैम कुरैन, ड्वेन ब्रावो, पीयूष चावला, जडेजा को थोड़ा और बेहतर करने की जरूरत है।

पंजाब  लोकेश राहुल और मयंक अग्रवाल पर निर्भर
वहीं पंजाब की बात की जाए तो मुंबई के खिलाफ पिछले मैच में उसी लोकेश राहुल और मयंक अग्रवाल पर अति आत्मनिर्भरता उजागर हुई थी। करुण नायर का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। निकोलस पूरन ने कुछ हाथ दिखाए थे, लेकिन ग्लैन मैक्सेवल गेंद को बल्ले पर भी नहीं ले पा रहे थे। जिम्मी नीशाम, सरफराज खान ने भी निराश किया था। मोहम्मद शमी, शेल्टन कॉटरेल, नीशाम ने लगातार अच्छा किया है और सबसे ज्यादा प्रभावित तो लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने किया। चेन्नई की कमजोर बल्लेबाजी को देखते हुए पंजाब की गेंदबाजों के उस पर हावी होने की पूरी उम्मीद है।

टीमें :

किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP): लोकेश राहुल (कप्तान), मयंक अग्रवाल, करुण नायर, सरफराज खान, ग्लैन मैक्सवेल, निकोलस पूरन, कृष्णाप्पा गौतम, क्रिस जोर्डन, शेल्डन कॉटरेल, रवि बिश्नोई, मोहम्मद शमी, मुरुगन अश्विन, अर्शदीप सिंह, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, हरडस विजोलेन, दीपक हुड्डा, हरप्रीत ब्ररार, मुजीब उर रहमान, दर्शन नालकंडे, जिम्मी नीशाम, ईशान पोरेल, सिमरन सिंह, जगदीश सुचित, तेजिंदर सिंह।

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK): महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), केदार जाधव, रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला, ड्वेन ब्रावो, कर्ण शर्मा, शेन वाटसन, शार्दूल ठाकुर, अंबाती रायडू, मुरली विजय, फाफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, दीपक चहर, लुंगी एनगिडी, मिशेल सैंटनर, केएम आसिफ, नारायण जगदीशन, मोनू कुमार, रितुराज गायकवाड़, आर साई किशोर, जोश हेजलवुड, सैम कुरैन।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।