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KKR vs MI IPL-2021 : आखिरी पांच ओवर में मुंबई ने छीनी जीत, कोलकाता को 10 रन से हराया, राहुल चाहर चार विकेट लिए

KKR vs MI IPL-2021 : आखिरी पांच ओवर में मुंबई ने छीनी जीत, कोलकाता को 10 रन से हराया, राहुल चाहर चार विकेट लिए

हाईलाइट

  • कोलकाता टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया
  • कोलकाता नाइट राइडर्स ने प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया
  • मुंबई की प्लेइंग-11 में विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक की वापसी हुई

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। राहुल चाहर (4-27) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पांच बार के चैम्पियन मुम्बई इंडियंस ने मंगलवार को यहां के एमए चिदम्बरम स्टेडियम में एक अप्रत्याशित जीत दर्ज की। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस 152 रन पर ऑलआउट हुई थी। इसके जवाब में कोलकाता टीम 7 विकेट गंवाकर 142 रन ही बना सकी।

मुम्बई को 152 रनों पर समटने के बाद कोलकाता की टीम नीतीश राणा (57) और शुभमन गिल (33) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 72 रनों की साझेदारी की बदौलत एक समय आसान जीत की ओर अग्रसर था, लेकिन इसके बाद मुम्बई के गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी करने के साथ-साथ नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर कोलकाता को लक्ष्य से 10 रन पीछे ही रोक दिया।

इस सीजन में 5 बार के चैम्पियन मुम्बई की पहली जीत मिली है। मुम्बई को अपने पहले ही मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के हाथों 2 विकेट से हार मिली थी, जबकि कोलकाता ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था। वहीं मुंबई टीम हमेशा ही कोलकाता पर भारी रही है। उसने अब तक KKR के खिलाफ 28 मैच खेले, जिसमें सिर्फ 22 जीते और 6 हारे हैं। पिछले 13 मैच में कोलकाता के खिलाफ मुंबई की यह 12वीं जीत है।

नीतीश राणा को ओरेंज कैप
मुम्बई की जीत में राहुल के अलावा ट्रेंट बोल्ट (4 ओवर 27 रन दो विकेट), जसप्रीत बुमराह (4 ओवर 28 रन) और क्रूणाल पांड्या (4 ओवर 13 रन 1 विकेट) का शानदार योगदान रहा। इन सबने 20 ओवर में सात विकेट पर 142 रनों पर ही रोक दिया। राणा और गिल के अलावा कोलकाता का कोई और बल्लेबाज दहाई तक नहीं पहुंच सका। KKR के ओपनर नीतीश राणा ने लगातार दूसरी फिफ्टी लगाई। वे सीजन के 2 मैच में 137 रन बनाकर टॉप स्कोरर बन गए हैं।

कोलकाता की पारी
कोलकाता टीम की शुरुआत तेज रही। टीम ने 7 ओवर में 50 रन पूरे किए। KKR को पहला झटका 72 के स्कोर पर लगा। ओपनर शुभमन गिल 24 बॉल पर 33 रन बनाकर आउट हुए। राहुल चाहर की बॉल पर पोलार्ड ने उनका कैच लिया। KKR 12 रन ही जोड़ सकी थी कि राहुल ने दूसरा झटका दिया। पिछले मैच में फिफ्टी लगाने वाले राहुल त्रिपाठी 5 रन बनाकर आउट हुए। चाहर की बॉल पर विकेटकीपर डिकॉक ने उनका कैच लपका। KKR ने 104 के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाया। यहां से टीम संभल नहीं सकी और 122 रन तक आते-आते टीम ने 5 विकेट गंवा दिए। राहुल ने यहां अपने 4 ओवर पूरे किए, जिसमें 27 रन देकर कोलकाता टीम के 4 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। राहुल ने KKR का मिडिल ऑर्डर ढहाने का काम किया। कोलकाता टीम को जीत के लिए आखिरी 5 ओवर में 31 रन की जरूरत थी। इस समय क्रीज पर दिनेश कार्तिक और आंद्रे रसेल मौजूद थे, लेकिन टीम को जिता नहीं सके।

मुंबई की पारी

  • इससे पहले, आंद्रे रसेल (5/15) के नेतृत्व में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत कोलकाता ने मुंबई इंडियंस को 152 रन पर रोक दिया। मुंबई की टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सूर्यकुमार यादव के 36 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 56 रन की पारी के बावजूद 20 ओवर में ऑलआउट हो गई।
  • कप्तान रोहित शर्मा के बल्ले से 43 रन निकले। नाइट राइडर्स की ओर से रसेल के अलावा पैट कमिंस ने दो विकेट लिए जबकि वरूण चक्रवर्ती, शाकिब अल हसन और प्रसिद्ध कृष्णा के एक-एक विकेट मिला। रसेल ने आईपीएल में पहली बार पांच विकेट चटकाए हैं।
  • मुंबई की शुरूआती अच्छी नहीं रही और क्विंटन डी कॉक (2) वरूण की गेंद पर आउट होकर पवेलियन चल दिए। डी कॉक ने छह गेंदें खेल दो रन बनाए। पहला झटका लगने के बाद रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार के साथ पारी आगे बढ़ाई और दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी हुई।
  • सूर्यकुमार ने इसके साथ ही अपना अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके कुछ देर बाद ही वह शाकिब का शिकार बन आउट हुए। नए बल्लेबाज के रूप में उतरे ईशान किशन (1) को कमिंस ने आउट कर मुंबई को तीसरा झटका दिया।
  • अर्धशतक की ओर बढ़ रहे रोहित को कमिंस ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा। रोहित ने 32 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए। इसके बाद मुंबई की पारी लड़खड़ा गई और उसने हार्दिक पांड्या (15), कीरोन पोलार्ड (5) और मार्को जानसेन (0) के विकेट 126 के कुल योग पर गंवा दिए।
  • क्रुणाल पांड्या ने किसी तरह मुंबई का स्कोर 150 तक पहुंचाया लेकिन इसके बाद रसेल ने कहर बरपाते हुए पहले क्रुणाल को आउट किया। क्रुणाल ने नौ गेंदें पर तीन चौकों की मदद से 15 रन बनाए। इसके बाद रसेल ने जसप्रीत बुमराह (0) और राहुल चाहर (8) को आउट कर मुंबई की पारी ढेर कर दी।

कोलकाता और मुंबई में 4-4 विदेशी प्लेयर्स
कोलकाता की प्लेइंग-11 में कप्तान मोर्गन के अलावा विदेशी खिलाड़ी शाकिब अल हसन, आंद्रे रसेल और पैट कमिंस शामिल हैं। वहीं, मुंबई में क्रिस लिन की जगह क्विंटन डिकॉक की वापसी हुई है। इसके अलावा कीरोन पोलार्ड, मार्को जेंसन और ट्रेंट बोल्ट विदेशी प्लेयर्स हैं।

कोलकाता और मुंबई में 4-4 विदेशी प्लेयर्स
कोलकाता की प्लेइंग-11 में कप्तान मोर्गन के अलावा विदेशी खिलाड़ी शाकिब अल हसन, आंद्रे रसेल और पैट कमिंस शामिल हैं। वहीं, मुंबई में क्रिस लिन की जगह क्विंटन डिकॉक की वापसी हुई है। इसके अलावा कीरोन पोलार्ड, मार्को जेंसन और ट्रेंट बोल्ट विदेशी प्लेयर्स हैं।

चेपॉक की चुनौती
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच पहले बल्लेबाज़ी करने वालों पर हमेशा से मेहरबान रही है, आंकड़ों में समझें तो इस मैदान पर अब तक कुल 59 आईपीएल मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से 36 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है।

दोनों टीमें

  • मुंबई: रोहित शर्मा (कप्तान), ईशान किशन, क्विंटन डिकॉक, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, कीरोन पोलार्ड, मार्को जेंसन, जयंत यादव, ट्रेंट बोल्ट और जसप्रीत बुमराह।
  • कोलकाता: ओएन मोर्गन (कप्तान), शुभमन गिल, राहुल त्रिपाठी, नीतीश राणा, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), आंद्रे रसेल, शाकिब अल हसन, पैट कमिंस, हरभजन सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और वरुण चक्रवर्ती।
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।