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12 साल पहले भारतीय टीम ने रचा था इतिहास, पाक को हरा बनी थी पहली टी-20 वर्ल्ड चैंपियन

12 साल पहले भारतीय टीम ने रचा था इतिहास, पाक को हरा बनी थी पहली टी-20 वर्ल्ड चैंपियन

हाईलाइट

  • भारतीय क्रिकेट टीम आज ही के दिन 12 साल पहले 24 सितंबर को टी-20 वर्ल्ड कप की पहली चैंपियन बनीं थी
  • भारत ने 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया था

डिजिटल डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम आज ही के दिन 12 साल पहले 24 सितंबर को टी-20 वर्ल्ड कप की पहली चैंपियन बनी थी। 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को मात देकर टूर्नामेंट के पहले सीजन का खिताब अपने नाम कर इतिहास रचा था। इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 1983 के बाद किसी विश्व खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाब हुई थी। इस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए BCCI ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर मैच का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें मैच के आखिरी पल और जश्न मनाते हुए भारतीय टीम को देखा जा सकता है। 

सेमीफाइनल में मजबूत ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय टीम सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी थी। सिर्फ मैच का रिजल्ट ही नहीं टॉस भी टीम इंडिया के नाम रहा। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और दिग्गज सौरव गांग़ुली के बिना टीम इंडिया यंग ब्रिगेड के सहारे फाइनल तक पहुंची थी।

टीम इंडिया की बल्लेबाजी में गौतम गंभीर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उन्होंने 75 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली थी। इसके बाद रोहित शर्मा टीम के दूसरे बड़े स्कोरर रहे। उन्होंने 30 रन का योगदान दिया था। अगर आज के टी-20 मैचों से तुलना की जाए तो भारत का 20 ओवरों में 157 का स्कोर उतना बड़ा नहीं था। लेकिन टीम इंडिया के जाबांजो ने हार नहीं मानी थी।

जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने पहले ही ओवर में पाक ओपनर मोहम्मद हफीज को आउट कर टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में पहला कदम बढ़ाया था। पाक टीम 20 ओवर से पहले ही ऑलआउट हो गई थी। पाक टीम के खतरनाक ऑलराउंडर यासिर अराफत को आउट करने के बाद इरफान पठान ने कुछ अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की थी।

आखिरी पलों में टीम इंडिया में उन दो वक्त हलचल मच गई थी जब सोहेल तनवीर ने तेज गेंदबाज एस श्रीसंत पर लगातार दो छक्के जड़े थे। लेकिन श्रीसंत ने जल्दी ही उन्हें चलता किया। यही नहीं टीम इंडिया के लिए दूसरी बड़ी मुश्किल रहे पाक बल्लेबाज मिसबाह उल हक। मिसबाह भारतीय गेंदबाजों पर लगातार हावी हो रहे थे।

आखिरी ओवर जोगेंद्र शर्मा कर रहे थे और पाक को जीत के लिए 6 गेंद पर 13 रनों की जरुरत थी। खुशी मना रहे भारतीय प्रशंसकों के बीच उस वक्त सन्नाटा छा गया जब दूसरी गेंद पर मिसबाह ने छक्का जड़ा। अब 4 गेंद पर सिर्फ 6 रन चाहिए थे।

महेंद्र सिंह धोनी को जोगेंद्र पर पूरा भरोसा था। जोगेंद्र ने मिसबाह को ललचाई गेंद फेंकी और मिसबाह छक्के के लिए उस गेंद को लपक बैठे लेकिन बाउंड्री पर खड़े फिल्डर श्रीसंत ने उसे कैच कर पाक टीम को ऑलआउट कर दिया।

यह पल 1983 के बाद पूरे भारत के लिए सबसे यादगार लम्हा था। 1983 में कपिल देव ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप दिलाया था। टीम इंडिया खुशी से झूम उठी और फिर शुरू हुआ टीम इंडिया का जश्न।

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