comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

तारीफ: वकार युनुस ने कहा, सचिन तेंदुलकर की विनम्रता उन्हें सबसे अलग करती है

तारीफ: वकार युनुस ने कहा, सचिन तेंदुलकर की विनम्रता उन्हें सबसे अलग करती है

हाईलाइट

  • वकार ने कहा, एक चीज जो सचिन को सबसे अलग बनाती है वह उनकी विनम्रता
  • वकार ने कहा, सचिन सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि एक महान इंसान

डिजिटल डेस्क। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वकार युनुस ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की जमकर तारीफ की है। वकार ने कहा, सचिन ने 24 साल के अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड बनाए होंगे, लेकिन एक चीज जो उन्हें सबसे अलग बनाती है वह उनकी विनम्रता है। वकार ने यह बात Q20 GloFans के चैट शो के दौरान कही है।

वकार ने कहा कि सचिन सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि एक महान इंसान भी हैं। मेरे कहने का मतलब है कि आप उनके टेस्ट और वनडे रिकॉर्ड एक ओर रखें, एक इंसान के तौर पर भी वह शानदार हैं। उनकी विनम्रता के कारण ही सभी उम्र के लोग उन्हें पसंद करते हैं। पाकिस्तान टीम के पूर्व कोच ने यह भी कहा कि, सचिन ने अपने करियर को बखूबी संभाला। उन्होंने कहा, वह काफी विनम्र इंसान हैं और हर किसी ने मैदान पर उन्हें खेलते और कामयाबियां हासिल करते हुए देखा। कुल मिलाकर जिस तरह से उन्होंने अपने करियर को संभाला उसके लिए आप उन्हें पूरे प्वाइंट्स देंगे। 

सचिन और वकार ने 1989 में टेस्ट डेब्यू किया था
सचिन और वकार दोनों ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 1989 में कराची में खेले गए टेस्ट मैच से की थी। वकार ने सचिन को इस मैच की पहली पारी में बोल्ड भी किया था। इसी के साथ दोनों खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हुई थी। वकार ने कहा, 2003 वर्ल्डकप में तेंदुलकर के द्वारा खेली गई पारी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। दबाव भरे माहौल में सचिन ने गजब की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी। उन्होंने कहा कि, हम एक बेहतरीन गेंदबाजी यूनिट थे, उसके बाद भी जिस अंदाज में सचिन ने बल्लेबाजी की वो मेरे हिसाब से उनकी बेस्ट पारी थी।

वकार यूनुस ने कहा कि, जिस तरह से सचिन ने अख्तर, मुझे और वसीम अकरम के खिलाफ बल्लेबाजी की वह कमाल का था। वह आसानी के साथ रन बना रहा था, हम सिर्फ देखते जा रहे थे। सचिन ने वर्ल्डकप 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 98 रनों की पारी खेली थी। सचिन ने खासकर शोएब अख्तर की गेंद पर पॉइंट के ऊपर से जो छक्का जमाया था वो आज भी क्रिकेट फैंस को याद है। 
 

कमेंट करें
R5NSF
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।