comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

क्रिकेट: ICC ने अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम घोषित की, भारत के यह तीन खिलाड़ी शामिल

क्रिकेट: ICC ने अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम घोषित की, भारत के यह तीन खिलाड़ी शामिल

हाईलाइट

  • यशस्वी जायसवाल, रवि बिश्नोई और कार्तिक त्यागी ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में शामिल
  • जायसवाल को वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था

डिजिटल डेस्क, दुबई। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम घोषित की है। ICC ने अपनी इस टीम में तीन भारतीय खिलाड़ियों को शामिल किया है। वह तीन खिलाड़ी सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल, लेग स्पिनर रवि बिश्नोई और तेज गेंदबाज कार्तिक हैं। कमेंटेटर इयान बिशप, रोहन गावस्कर और नटाली जर्मनोस सहित ईएसपीएन क्रिकइंफो के संवाददाता श्रेष्ठ शाह और ICC रिप्रेजेंटेटिव मेरी गैडबीर की चयन पैनल ने इन खिलाड़ियों का चुनाव किया।

जायसवाल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रहे
भारत को रविवार को दक्षिण अफ्रीका के पोचेफस्ट्रम में खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में बांग्लादेश के हाथों 3 विकेट से हारकर खिताब गंवाना पड़ा। वहीं, बांग्लादेश किसी भी स्तर पर पहली बार चैंपियन बनने में सफल रहा। जायसवाल को वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। उन्होंने फाइनल में 88 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली थी। जायसवाल ने 133 के औसत से टूर्नामेंट की छह पारियों में 400 रन बनाए।

वहीं, स्पिनर बिश्नोई ने टूर्नामेंट के छह मैचों में सबसे ज्यादा 17 विकेट हासिल किए। उन्होंने फाइनल में भी 30 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। बिश्नोई के अलावा तेज गेंदबाज त्यागी को भी इसमें जगह दी गई है। त्यागी ने वर्ल्ड कप में कुल 11 विकेट चटकाए थे। हालांकि फाइनल में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। भारत के अलावा वर्ल्ड चैंपियन बांग्लादेश के तीन, अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के 2-2, जबकि श्रीलंका और कनाडा के 1-1 खिलाड़ियों को ICC ने टीम में शामिल किया है।

ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम (बल्लेबाजी क्रम के अनुसार) :
यश्वस्वी जासवाल (भारत), इब्राहिम जादरान (अफगानिस्तान), रविन्दु रसंथा (श्रीलंका), महमुदूल हसन जॉय (बांग्लादेश), शहादत हुसैन (बांग्लादेश), नईम योंग (वेस्टइंडीज), अकबर अली-कप्तान एवं विकेटकीपर (बांग्लादेश), शफीकउल्लाह गफारी (अफगानिस्तान), रवि बिश्नोई (भारत), कार्तिक त्यागी (भारत), जैडन सील्स (वेस्टइंडीज), अकिल कुमार (कनाडा, 12वें खिलाड़ी के तौर पर)।

कमेंट करें
ldhiA
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।