एशियन गेम्स 2026: 'गोल्ड मेडल मुकाबले' में हाथ मिलाएंगे भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी? ‘नो हैंडशेक’ पर क्या कहते हैं एशियन गेम्स के नियम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में मेंस क्रिकेट टीम का फाइनल मैच शनिवार (3 अक्टूबर) को खेला जाएगा। फैंन्स की नजरें गोल्ड मेडल मुकाबले पर टिकी हैं। इसी बीच एक सवाल चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वह यह कि क्या भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएंगे या नहीं? शनिवार को होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम का नो हैंडशेक पॉलिसी पर क्या रुख होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। दोनों टीमों का हाथ मिलाना जरूरी है या नहीं, क्या है नियम?
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क्या हाथ मिलाना जरूरी है?
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) एशियन गेम्स का आयोजन करती है। औसीए के नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों को हाथ मिलाना जरूरी नहीं है। लेकिन खेल सम्मान और अच्छे बर्ताव को खेल मुकाबले में अहम माना जाता है। अगर कोई खिलाड़ी हाथ नहीं मिलाता है तो ऐसे में खेल का आयोजन कराने वाली संस्था पर छोड़ दिया जाता है कि वह ऐसी स्थिति में क्या फैसला लेती है।
2016 ओलंपिक में मिस्र के खिलाड़ी को लगाई गई थी फटकार
रियो ओलंपिक 2016 में मिस्र के जूडो खिलाड़ी इस्लाम एल शेहाबी ने इजराली खिलाड़ी ओर सैसन से हाथ मिलाने से मना कर दिया था। इसके बाद IOC ने उन्हें फटकार लगाई थी और उनके इस व्यवहार को पूरी तरह गलत बताया था।
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क्रिकेट टीम के मैनेजमेंट का क्या फैसला होगा?
भारत के टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेलों के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से पुराने तरीके से हाथ मिलाते हुए देखा गया है। अब क्रिकेट में टीम मैनेजमेंट क्या फैसला लेता है, इस पर सब टकटकी लगाए बैठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया के नागोया पहुंचने के बाद इस मामले पर फैसला लिया जा सकता है।
महाद्वीपीय संस्था एशियन गेम्स से जुड़े मामलों को देखेगी
बता दें, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) यह महाद्वीपीय संस्था एशियन गेम्स की सर्वोच्च संचालक है। यदि कोई मामला खेल अनुशासन या महाधिवेशन के नियमों के दायरे से जुड़ा होता है, तो OCA का प्रबंधन इस पर अंतिम निर्देश तय करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से लागू है नो हैंडशेक पॉलिसी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से यानी पिछले साल से मेंस भारतीय क्रिकेट और पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने एशिया कप और ICC प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया था। टीम इंडिया के इस फैसले को भारतीय सेनाओं के प्रति एकजुटता के रूप में देखा गया था। उसके बाद टी-20 विश्व कप 2026 और महिला एशिया कप 2026 में भी ऐसा ही देखने को मिला था। क्या इसे एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) खेलों तक भी बढ़ाया जाएगा?
Created On :   2 Oct 2026 4:44 PM IST












