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आज से शुरू हो रहा भाद्रपद माह, क्या करें और क्या ना करें 

August 27th, 2018 12:44 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल। अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिन्दू पंचांग भी 12 महीनों से ही बना है। जिसका सबसे पहला महीन वैशाख है, जो अंग्रेजी कैलेंडर के अप्रैल-मई का होता है। वैशाख के बाद ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भादों इसी तरह क्रम में आते हैं। श्रावण का महीना 26 अगस्त को समाप्त हो रहा है। जिसके बाद 27 अगस्त 2018 से शुरुआत होगी। आइये जानते हैं क्यों विशेष है भाद्रपद महीना।

हिंदू पंचांग का छठवां महीना है भाद्रपद 
हिंदू पंचांग का छठवां माह भाद्रपद (भादौ) कहलाता है। यह चातुर्मास के चार पवित्र महीनों का दूसरा महीना भी है। हिन्दू पंचाग का भाद्रपद महीना भादौ, भादवा या भाद्र के नाम से भी जाना जाता है। इस महीने में आकाश में पूर्वा या उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के योग बनने से इस माह का नाम भाद्रपद है। यह योग भाद्रपद पूर्णिमा के दिन बनता है। भाद्रपद महीना हिंदू धर्म के पवित्र चातुर्मास के अंतर्गत आता है। इस माह में स्नान, दान तथा व्रत करने से जन्म-जन्मान्तर के पाप नाश हो जाते हैं। ये माह खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि इस माह में विभिन्न व्रत और त्योहार पड़ते हैं। जिन्हें करने से भगवान की कृपा बनी रहती है और सौभाग्य प्राप्त होता है।

इस माह में कुछ विशेष कार्य बताए जाते हैं जिन्हें करने से विभिन्न फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही ऐसे कार्य भी बताए गए हैं जिन्हें इस माह में नहीं करना चाहिए। आइये जानते हैं इस माह में क्या करें और क्या नहीं करें।

इस माह में क्या करें

  • इस माह में मक्खन खाने से उम्र बढ़ती है इसलिए इस माह में मक्खन अवश्य रूप से खाना चाहिए। 
  • भाद्रपद में गाय का घी खाना चाहिए इससे पुष्टि मिलती है। 
  • इस माह में गाय का दूध पीने से वंश वृद्धि होती है। इसलिए यदि आप वंश वृद्धि करना चाहते हैं तो इस पूरे माह गाय का दूध अवश्य पिएं। 
  • पानी में गौमूत्र डालकर स्नान करने से इस माह में पापों का नाश होता है। 
  • इस माह में बिना मांगा एकभुक्त भोजन करने से या व्रत का संकल्प लेने से पुण्य की प्राप्ति होती है।


इस माह में क्या न करें

  • भाद्रपद माह में गुड़ नहीं खाना चाहिए इससे स्वर बिगड़ जाता है। 
  • इस माह में तिल का तेल खाने से उम्र घटती है। 
  • दही खाने से इस माह में स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। 
  • दूसरे का दिया भात इस माह में खाने से लक्ष्मी घटती है। 
  • इस माह में नारियल का तेल खाने से संतान सुख में कमी आती है। 
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dimple saini October 03rd, 2018 15:38 IST

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।