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Chaitra Navratri 2020: मां कात्यायनी की पूजा से होगा हर समस्या का समाधान, ऐसा है इनका स्वरूप

Chaitra Navratri 2020: मां कात्यायनी की पूजा से होगा हर समस्या का समाधान, ऐसा है इनका स्वरूप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी पूजा कल्याणकारी होती है। चैत्र नवरात्रि के छठवें दिन यानी कि आज सोमवार को की जा रही है। मां कात्यायनी की पूजा-उपासना करने से मनुष्य को कठिन से कठिन कार्यो में आसानी से सफलता मिलती है। इनकी आराधना से डर और रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी समस्याओं का समाधान होता है। 

मान्यता है कि देवी कात्यायनी की पूजा से घर में सुख शान्ति का आह्वान होता है। विवाह के बाद दाम्पत्य जीवन में समस्या के अलावा वैवाहिक कार्य में हो रही देरी होने पर मां कात्यानी की पूजा करना बेहद लाभप्रद मानी गई है। 

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स्वरूप
मां कात्यायनी शेर पर सवार रहती है। इनकी चार भुजाएं हैं। बाईं तरफ के ऊपरवाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है। यह अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती, इस्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमें भद्रकाली और चंडिका भी कहा जाता है।

इसलिए पड़ा कात्यानी नाम
ऐसी मान्यता है कि महर्षि कात्यायन ने मां भगवती को अपनी पुत्री के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवती ने उन्हें पुत्री का वरदान दिया। महर्षि कात्यायन के नाम पर ही इनका नाम कात्यायनी रखा गया।

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ऐसे करें पूजा
मां कात्यानी की पूजा के लिए नारियल, कलश, गंगाजल, कलावा, रोली, चावल, चुन्‍नी, शहद, अगरबत्ती, धूप, दीया और घी साथ ही 3 से 4 पुष्प लेकर नीचे दिए गए मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए। इसके बाद मां कात्यानी को पुष्प अर्पित करना चाहिए।  

मंत्र :-
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना। कात्यायनी शुभं दघा देवी दानव घातिनि ।।

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