दैनिक भास्कर हिंदी: समंदर में मिले द्वारका के विचित्र प्रमाण, श्रीकृष्ण के सिक्के और...

August 15th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म की कथाएं तो पुराणों में कई बार आपने पढ़ी होंगी। श्रीमद भागवत कथा के अतिरिक्त मथुरा-वृंदावन में बने मंदिर भी इसका साक्षात प्रमाण हैं।

दरअसल, ये मंदिर वही स्थान हैं जहां कन्हैया अपने माता-पिता व परिजनों के साथ निवास करते थे। इन गलियों में अब भी वही दृश्य अंकित नजर आते हैं, जिनका पुराणों में कहीं न कहीं उल्लेख मिलता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी भी चीजें बता रहे हैं जो कान्हा के जन्म के साक्षात प्रमाण हैं।

सिक्कों में मिले प्रमाण
महाभारत और भागवत पुराण में वर्णित द्वारका के अवशेष पानी के भीतर अरेबियन सागर में पाए गए हैं। उस समय के सिक्के भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण से सम्बंधित चिह्न खुदे हुए हैं। जो कि ये प्रमाणित करते हैं कि द्वारका का अस्तित्व सचमुच था। 

संलेखित ग्रह
महाभारत में वर्णित खगोलीय घटनाओं के बारे में भी प्रमाण प्राप्त हुए हैं। 5 हजार साल पहले कलियुग के प्रारंभिक काल में असामान्य खगोलीय घटना घटित हुई थी। सूरजए चन्द्रमा और 6 ग्रह एक ही लाइन में (संलेखित) आ गए थ। वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में इस घटना को भी सत्य पाया गया। 

कदम का पेड़
जिस कदम के पेड़ पर चढ़कर भगवान ने कालिया मर्दन के लिए यमुना मंे छलांग लगाई थी वह आज भी मौजूद है। लोग अब भी इसके दर्शनों के लिए जाते हैं। ये 5 हजार साल से अधिक पुराना बताया जाता है।