दैनिक भास्कर हिंदी: श्रावण मास में मंगलवार को करें हनुमान जी की साधना, होंगे ये लाभ

August 3rd, 2018

 

डिजिटल डेस्क । श्रावण मास में मंगलवार को हनुमान जी की साधना बड़ी फलदायी होती है। हनुमान जी की आराधना से दुख, दर्द, कष्ट, भूत-प्रेत बाधा या किसी भी तरह का डर आपसे दूर रहता है। एक निडर और साहसी जीवन जीने के लिए हनुमानजी की पूजा का खास महत्व होता है। इसलिए लड़कों को हनुमान चालीसा पढ़ने और उनकी पूजा करने के लिए कहा जाता है, क्योंकि भारतीय समाज में मर्दो निडर और साहसी होना बेहद जरूरी होता है। दिए गए उपाय सारे कष्टों को दूर करते हैं, साथ ही भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यदि बजरंग बली को प्रसन्न करना है और साथ ही शिव जी का आशीर्वाद पाना है तो श्रावण महीने में हनुमान जी का पूजन अवश्य करें। 

 

 

 

पहला उपाय

श्रावण मास में मंगलवार को शिवालय में स्थित हनुमान जी की प्रतिमा का पंचोपचार पूजन करें। चमेली के तेल का दीपक जलाएं,अगरबत्ती जलाएं,सिंदूर चढ़ाएं,लाल फूल चढ़ाएं,गुड़ का भोग लगाएं,सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर श्री हनुमान जी को इस मंत्र से सफलता की कामना के साथ चोला चढ़ाएं। 

मंत्र
दिव्यनामसमुद्भुतं सर्वमंगलारकम्। तैलाभ्यंगयिष्यामि सिन्दूरं गृह्यतां प्रभो।।

 

चोला चढाने के बाद शिवलिंग की पंचोपचार पूजा करें। शुद्ध घी में सिंदूर मिलाकर दीपक जलाएं। गूगल की धूप दें, लाल कनेर के फूल चढ़ाएं, सिंदूर से शिवलिंग पर तिलक करें, और मिष्ठान का भोग लगाएं। पूजा के बाद इस मंत्र का 108 रुद्राक्ष की माला से जाप करें।

 

मंत्र: 

ॐ क्रीं योगपट्टाभिरामाय नमः शिवाय ।।

पूजा एवं पाठ के बाद शिवलिंग और हनुमान जी की कर्पुर से आरती करें। हनुमान जी पर चढ़े हुए सिंदूर से घर के मुख्यद्वार पर स्वस्तिक बनाएं। ये उपाय सफलता देने के साथ-साथ संकट का नाश भी करता है।

 

 

दूसरा उपाय

श्रावण मास के किसी भी मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें और इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें।

अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें| साल भर आपका पर्स कभी खली नही होगा पैसों से भरा ही रहेगा| इसके बाद जब दोबारा श्रावण का महीना आए तो इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें।

 

 

तीसरा उपाय

श्रावण मास में किसी भी मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाएं और वहां बैठकर राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें| इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं. जीवन में यदि कोई समस्या चल है तो उसका निवारण करने के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करें|

 

 

 

चौथा उपाय

श्रावण मास में मंगलवार के दिन किसी ऐसे मंदिर जाएं जहां भगवान शिव व हनुमानजी दोनों की ही प्रतिमा हो। वहां जाकर शिव व हनुमानजी की प्रतिमा के सामने शुद्ध घी के दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर शिव चालीसा तथा हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस उपाय से भगवान शिव व हनुमानजी दोनों की ही कृपा आपको प्राप्त होगी।

 

 

पांचवा उपाय

श्रावण मास के किसी भी मंगलवार को पास ही स्थित हनुमानजी के किसी मंदिर में जाएं और हनुमानजी को सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना मन ही मन कहें। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

 

 

छटवां उपाय 

श्रावण मास के किसी भी मंगलवार को नहा-धोकर साफ धुले हुए वस्त्र पहनें। इसके बाद समीप स्थित हनुमान मंदिर में जाकर चमेली के तेल तथा सिंदूर मिश्रित चोला चढ़ाएं। साथ ही चोला चढ़ाते समय एक घी का  दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें| चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। इसके बाद एक शुद्ध साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को इसका भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें. कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।

 

 

मंत्र: 
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।

 

अब हनुमानजी को चढाएं गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें उसी समय में घर में धन आने लगेगा|