दैनिक भास्कर हिंदी: हाथ की रेखाओं से जानिए लव मैरिज होगी या नहीं, कैसी रहेगी मैरिड लाइफ ?

December 21st, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाथ में विवाह रेखा हमारे विवाह और वैवाहिक जीवन को दर्शाती है। यह बिलकुल सही है कि जोड़ियां आसमान में बनती है लेकिन यह सपना नीचे धरती पर ही साकार होता है। विवाह एक पवित्र बंधन है, जो दो लोगों के बीच आपसी लगाव और स्नेह को बताता है। हस्त रेखा शास्त्र में विवाह रेखा का बहुत बड़ा महत्व है, क्योंकि हर व्यक्ति अपने विवाह और भावी जीवन साथी के बारे में जानने की जिज्ञासा रखता है।

हथेली पर उभरी विवाह रेखा में कई राज छुपे होते हैं। जैसे आपका प्रेम विवाह होगा या नहीं, कहीं आपके भाग्य में दो विवाह योग तो नहीं है? ये सभी ऐसी बातें हैं जो युवाओं की उत्सुकता को बढ़ाती है। इतना सब जानने के बाद अब प्रश्न उठता है कि हाथ में विवाह रेखा कहां होती है ? आपकी कनिष्ठिका उंगली यानि सबसे छोटी उंगली के नीचे, ह्रदय रेखा के ऊपर तथा बुध पर्वत पर हथेली के बाहरी ओर से आने वाली रेखा को विवाह रेखा कहते हैं।

छोटी उंगली की रेखा और ह्रदय रेखा के बीच की दूरी की गणना करके, इस बात का पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति का विवाह किस आयु में होगा। इन दोनों रेखाओं के बीच की दूरी लगभग 50 वर्ष तक का बोध कराती है। यदि विवाह रेखा इस दूरी के मध्य में हो, तो इसका अर्थ है कि आपका विवाह 25 वर्ष की आयु के आसपास होगा और यदि विवाह रेखा, ह्रदय रेखा के पास हो, तो आपका विवाह 25 वर्ष से पहले भी हो सकता है अत: ऐसी स्थिति में कम उम्र में विवाह के योग बनते हैं।

एक स्पष्ट विवाह रेखा जिसमें कोई टूट-फूट ना हो या कोई द्वीप उपस्थित हो, इसका अर्थ है कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ही अच्छा रहने वाला है। यदि विवाह रेखा के आसपास कुछ छोटी रेखाएं हैं तो यह वैवाहिक जीवन में प्यार और रोमांस को दर्शाती है। यदि विवाह रेखा से फूटकर दो रेखाएं बनती है, तो यह विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में निराशा को दर्शाती है। यदि विवाह अंत में जाकर फूटती है और दो रेखाएं बनती हैं तो यह वैवाहिक जीवन में अलगाव को प्रकट करती है।

हथेली पर चार जगहों से विवाह रेखा को देखा और पढ़ा जा सकता है:

बुध पर्वत पर विवाह रेखा लंबी, स्पष्ट और आसानी से पढ़ी जाने वाली होनी चाहिए। 
छोटी रेखाएं रिश्तों में कामुक विचार के प्रभाव को दर्शाती है। 
वह रेखा या रेखाएं जो ह्रदय रेखा के बराबर चलती है इन्हें संघ रेखाएं कहा जाता है और ये विवाह रेखा के रूप में अधिक प्रसिद्ध है।
चंद्र पर्वत से आने वाली रेखाएं और भाग्य रेखा का स्पर्श कर रही रेखाएं। 
इन रेखाओं को एक-दूसरे को काटना नहीं चाहिए।
यदि उपरोक्त स्थितियां नहीं बनती हैं या मेल नहीं खाती है, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि विवाह नहीं होगी बल्कि यह अनुमान लगाया जा सकता है कि रेखाओं का निर्माण भविष्य में हो सकता है।
यदि हथेली पर उपस्थित बहुत सी स्पष्ट रेखाएं शुक्र पर्वत से अलग-अलग दिशाओं में जा रही है। 
इसका अर्थ है कि प्रेम के विषय में व्यक्ति थोड़े अलग स्वभाव का होगा। 
इस बात की संभावना भी है कि उस व्यक्ति को प्रेम में धोखा भी मिल सकता है।