Shardiya Navratri 2026: कैसे करें मां कालरात्रि की पूजा? जानें सरल विधि, शुभ मंत्र और पूजा से मिलने वाले लाभ

कैसे करें मां कालरात्रि की पूजा? जानें सरल विधि, शुभ मंत्र और पूजा से मिलने वाले लाभ
ऐसा कहा जाता है कि, सच्चे मन से मां कालरात्रि की पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है, मन में साहस बढ़ता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां का स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन भक्तों के लिए वे बेहद शुभ फल देने वाली मानी जाती हैं। इसी कारण उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को बुरी शक्तियों, भय और संकटों से बचाती हैं। उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में सत्य और धर्म की ही जीत होती है।

ऐसा कहा जाता है कि, सच्चे मन से मां कालरात्रि की पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है, मन में साहस बढ़ता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। आइए जानते हैं मां कालरात्रि का स्वरूप, प्रिय भोग, शक्तिशाली मंत्र और की पूजा करने की आसान विधि...

मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।

पूजा स्थल की सफाई करें और मां दुर्गा या मां कालरात्रि की तस्वीर अथवा प्रतिमा स्थापित करें।

मां के सामने दीपक जलाएं और फिर हाथ जोड़कर मां कालरात्रि का ध्यान करें।

मां को लाल फूल या अपनी श्रद्धा के अनुसार उपलब्ध ताजे फूल अर्पित करें।

माता को अक्षत, रोली और जल चढ़ाएं।

मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

पूजा के दौरान मां कालरात्रि के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

यदि समय हो तो दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती के संबंधित पाठ या मां दुर्गा के अन्य स्तोत्रों का पाठ करें।

पूजा के अंत में मां कालरात्रि की आरती करें।

हाथ जोड़कर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।

इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांट दें।

मां कालरात्रि का मंत्र

1. ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

2. एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।

वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   16 Oct 2026 6:16 PM IST

Tags

Next Story